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ये दवा चुपचाप कमजोर कर रही है हड्डियां! डॉक्टर ने बताया खतरनाक

Posted By: Tarun Kumar Posted On: Dec 08, 2025Share Article
ये दवा चुपचाप कमजोर कर रही है हड्डियां
ये गोलियां खाने से विटामिन बी12 शरीर में ढंग से अब्सॉर्ब नहीं हो पाता है. (Photo: ITG)

बार-बार ये दवा लेने से खोखली हो रही हैं हड्डियां, विटामिंस भी हो रहे शरीर से गायब! डॉक्टर ने बताया खतरनाक असर

लंबे समय तक PANTOP 20, PAN D और PAN 40 जैसी एंटासिड गोलियां लेने से शरीर को नुकसान हो सकता है. डॉक्टरों के अनुसार, ये दवाएं तुरंत और कुछ देर के लिए राहत तो देती हैं, लेकिन लगातार इस्तेमाल से विटामिन B12 और मैग्नीशियम की कमी, हड्डियों की कमजोरी और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है.

बहुत से लोग जब भी पेट में हल्की सी जलन या खट्टी डकार महसूस करते हैं, तुरंत एंटासिड या एसिडिटी की गोली खा लेते हैं. ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि ये गोलियां तुरंत आराम देती हैं और पेट की बेचैनी को पल भर में दूर कर देती हैं. ऐसे में आप सोचते हैं कि ये दवा बिल्कुल सुरक्षित है और इसे लेने में कोई हर्ज नहीं.

लेकिन डॉक्टर और एक्सपर्ट्स की राय आपकी सोच से बिल्कुल अलग है. उनका कहना है कि अगर आप इन दवाओं का इस्तेमाल बार-बार और लंबे समय तक करते हैं, तो ये आपके शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है. ऑर्थो और स्पोर्ट्स सर्जन, डॉ. ओबैदुर रहमान के अनुसार, ये गोलियां सिर्फ अस्थायी रूप से राहत देती हैं, लेकिन लगातार लेने से शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है. इसके अलावा हड्डियां भी कमजोर पड़ सकती हैं और डाइजेस्टिव सिस्टम पर भी असर पड़ सकता है. कैसे? चलिए जानते हैं.

कौन सी दवाएं करती हैं नुकसान?
PANTOP 20 और PAN 40 दरअसल पैंटोप्राजोल वाली दवाएं हैं, जिन्हें PPI यानी प्रोटॉन पंप इनहिबिटर कहा जाता है. PAN D या Pantop-D में पैंटोप्राजोल के साथ डॉम्पेरिडोन होता है. ये दवाएं आमतौर पर एसिडिटी, हार्टबर्न और एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्याओं में दी जाती हैं. ये शॉर्ट-टर्म इलाज के लिए बनी हैं, लेकिन कई लोग इन्हें महीनों और सालों तक बिना डॉक्टर से पूछे लेते रहते हैं.

कैसे काम करती हैं ये दवाएं
पैंटोप्राजोल पेट में बनने वाले एसिड को काफी हद तक कम कर देता है. कम समय के लिए यह तरीका राहत देता है, लेकिन लंबे समय तक एसिड बहुत कम बना तो शरीर में कई अहम पोषक तत्वों की कमी शुरू हो जाती है. यही कारण है कि इन दवाओं का लगातार इस्तेमाल रिस्की माना जाता है.

लंबे समय तक सेवन से घटने लगता है विटामिन B12
खाने से मिलने वाला विटामिन B12 तभी अच्छे से अब्सॉर्ब होता है जब पेट में पर्याप्त एसिड मौजूद हो. जब महीनों या सालों तक PPI ली जाती है तो पेट का एसिड बहुत कम हो जाता है. इससे B12 की कमी धीरे-धीरे बढ़ने लगती है. रिसर्च में पाया गया है कि दो साल या उससे ज्यादा PPI लेने वालों में B12 की कमी होने का खतरा ज्यादा रहता है. इसकी कमी होने पर थकान, कमजोरी, हाथ-पैरों में झुनझुनाहट, बैलेंस की दिक्कत और मेमोरी प्रॉब्लम भी हो सकती हैं.

मैग्नीशियम की कमी का भी खतरा
मैग्नीशियम शरीर में मसल्स, नसों, हड्डियों और दिल की धड़कन को ठीक रखने के लिए बेहद जरूरी है. लंबे समय तक PPI लेने से इसका लेवल भी नीचे जाने लगता है. कई लोग तीन महीने बाद असर महसूस करते हैं, तो कईयों में एक साल बाद कमी दिखती है. शरीर में मैग्नीशियम की कमी से मसल्स में खिंचाव, कंपकंपी, थकान और इर्रेगुलर धड़कन जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

हड्डियां कमजोर होने और फ्रैक्चर का खतरा
कैल्शियम को अब्सॉर्ब करने में भी पेट का एसिड अहम भूमिका निभाता है. लगातार PPI लेने से कैल्शियम का अब्सॉर्पशन कम होने लगता है, जिससे हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर हो सकती हैं. खासकर उम्रदराज लोगों, मेनोपॉज के बाद की महिलाओं और कम विटामिन डी वाले लोगों में फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है.

कौन लोग सबसे ज्यादा खतरे में हैं?
जिन लोगों की उम्र ज्यादा है, जो PPI सालभर से ज्यादा समय से ले रहे हैं, जो हाई डोज पर हैं या जिन्हें पहले से हड्डियों से जुड़ी दिक्कत है, उन्हें इन दवाओं के साइड इफेक्ट्स जल्दी पकड़ सकते हैं. ऐसे लोगों को अपनी हड्डियों और मिनरल्स की जांच समय-समय पर करानी चाहिए.

कैसे करें इन दवाओं का सुरक्षित इस्तेमाल
PPI सही तरीके से और सीमित समय तक ली जाएं तो बहुत असरदार होती हैं. लेकिन इन्हें रोजाना बिना सोचे-समझे लेना गलत है. अगर आप लंबे समय से ले रहे हैं तो अपने डॉक्टर से बात करें कि क्या आपको अब भी इसकी जरूरत है, क्या डोज कम की जा सकती है या क्या कोई हल्की दवा ऑप्सन के रूप में लेनी बेहतर रहेगी. डॉक्टर जरूरत पड़ने पर B12, मैग्नीशियम या हड्डियों की जांच भी सलाह दे सकते हैं.

एसिडिटी कम करने के लिए लाइफस्टाइल में करें बदलाव
एसिडिटी सिर्फ दवाओं से नहीं रुकती. लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव भी बड़ा फर्क ला सकते हैं. खाने में ट्रिगर फूड्स कम करें, खाना खाकर थोड़ी देर टहलें, पानी ज्यादा पिएं, भारी खाना एक बार में न लें और रात का खाना जल्दी खत्म करें. वजन कंट्रोल में रखने से भी एसिडिटी काफी घटती है.

Source: AajTak
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बच्चे को उल्टी-दस्त हो रहे हैं

बारिश के मौसम में बच्चों में उल्टी और दस्त के मामले बढ़ रहे हैं, जो दूषित पानी और बैक्टीरिया के कारण होते हैं. डॉ. हिमांशु भदानी के अनुसार, रोटावायरस, ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया इस समस्या के मुख्य कारण हैं. बारिश के इस मौसम में बच्चों में उल्टी, दस्त के मामले बढ़ने लगते हैं. कई तरह के बैक्टीरिया के एक्टिव होने के कारण ऐसा होता है. उल्टी-

5 days ago

श्रीलंका के एक अस्पताल में स्ट्रोक के इलाज के दौरान एक मरीज के यूरिनरी ब्लैडर में 3.1 किलो की पथरी मिली, जो सबसे बड़ी ब्लैडर पथरी हो सकती है. मरीज को पेशाब करते समय दर्द की समस्या थी, जिसे
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दिमाग का होना था इलाज

श्रीलंका के एक अस्पताल में स्ट्रोक के इलाज के दौरान एक मरीज के यूरिनरी ब्लैडर में 3.1 किलो की पथरी मिली, जो सबसे बड़ी ब्लैडर पथरी हो सकती है. मरीज को पेशाब करते समय दर्द की समस्या थी, जिसे नजरअंदाज किया गया था. श्रीलंका के एक अस्पताल में ऐसा मामला सामने आया है, जिसने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया. 55 साल का एक मरीज स्ट्रोक ( ब्रेन अटैक) आने के बाद इलाज के

5 days ago

फ्लोरेस में 15 अगस्त के 7.7 भूकंप के बाद 20 अगस्त को 5.9 तीव्रता का नया झटका आया. 70 से अधिक मौतें हुई हैं. लगातार आफ्टरशॉक से डर बढ़ रहा है. राहत कार्य जारी है. इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा
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कांपा इंडोनेशिया

फ्लोरेस में 15 अगस्त के 7.7 भूकंप के बाद 20 अगस्त को 5.9 तीव्रता का नया झटका आया. 70 से अधिक मौतें हुई हैं. लगातार आफ्टरशॉक से डर बढ़ रहा है. राहत कार्य जारी है. इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में स्थित फ्लोरेस द्वीप पर भूकंप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. 15 अगस्त 2026 को सुबह 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था. अब 20 अगस्त गुरुवार को

5 days ago

चीन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ खोजने के लिए अपना बड़ा मिशन भेज रहा है. Chang'e-7 मिशन में रोवर, लैंडर और खास हॉपिंग प्रोब होंगे, जो चांद के उन अंधेरे गड्ढों तक पहुंचेंगे जहां सूरज की
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चांद के अंधेरे राज खोलेगा चीन

चीन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ खोजने के लिए अपना बड़ा मिशन भेज रहा है. Chang'e-7 मिशन में रोवर, लैंडर और खास हॉपिंग प्रोब होंगे, जो चांद के उन अंधेरे गड्ढों तक पहुंचेंगे जहां सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती. चीन 24 अगस्त 2026 को अपना नया चंद्र मिशन Chang'e-7 लॉन्च करने की तैयारी में है. यह मिशन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर जाएगा. यहां वैज्ञानिक पानी की बर्फ और

5 days ago

उत्तराखंड में बारिश के बीच पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने से बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे-07 बंद हो गया है. भल्लेगांव के पास सड़क पर मलबा आने से यातायात थम गया. रास्ता साफ करने के लिए टीमें और
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पहाड़ से गिरे पत्थर-मलबे ने रोकी रफ्तार

उत्तराखंड में बारिश के बीच पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने से बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे-07 बंद हो गया है. भल्लेगांव के पास सड़क पर मलबा आने से यातायात थम गया. रास्ता साफ करने के लिए टीमें और मशीनें मौके पर जुटी हैं. उत्तराखंड में बद्रीनाथ-केदारनाथ नेशनल हाईवे-07 पर बुधवार को रास्ता बंद हो गया. देवप्रयाग और कीर्तिनगर के बीच भगवान के पास भल्लेगांव में

5 days ago

जलवायु परिवर्तन के चलते 21वीं सदी के अंत तक उत्तराखंड की कोसी नदी बेसिन के तापमान में बढ़ोतरी की चेतावनी दी गई है. यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, क्योंकि पहाड़ी समुदाय मुख्य रूप से
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21वीं सदी के अंत बढ़ेगा पारा

जलवायु परिवर्तन के चलते 21वीं सदी के अंत तक उत्तराखंड की कोसी नदी बेसिन के तापमान में बढ़ोतरी की चेतावनी दी गई है. यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, क्योंकि पहाड़ी समुदाय मुख्य रूप से प्राकृतिक और स्थानीय जल स्रोतों पर ही निर्भर हैं. दुनिया भर के वैज्ञानिक क्लाइमेट चेंज को लेकर लगातार चिंता जता रहे हैं. इसका गंभीर असर पूरे विश्व में दिखाई देने लगा है.

6 days ago

चांद पर हुई स्पेसएक्स रॉकेट की टक्कर का निशान अब साफ दिखाई दे रहा है. नासा की नई तस्वीरों में क्रैश से बना करीब 60 फीट चौड़ा गड्ढा दिखा है. खास बात ये है कि इसकी तस्वीर लेना भी वैज्ञानिकों
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चांद पर स्पेसएक्स के रॉकेट क्रैश

चांद पर हुई स्पेसएक्स रॉकेट की टक्कर का निशान अब साफ दिखाई दे रहा है. नासा की नई तस्वीरों में क्रैश से बना करीब 60 फीट चौड़ा गड्ढा दिखा है. खास बात ये है कि इसकी तस्वीर लेना भी वैज्ञानिकों के लिए आसान नहीं था. नासा ने चांद पर स्पेसएक्स के रॉकेट के टकराने से बने गड्ढे की नई तस्वीरें जारी की हैं. ये तस्वीरें नासा के Lunar Reconnaissance Orbiter (LRO) ने 11 और 12 अगस्त को लीं.

6 days ago

बारिश का दौर अभी थमता नहीं दिख रहा. अगले 144 घंटे पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दक्षिण-पूर्वी यूपी में भारी बारिश हो सकती है. मौसम के इस अनुमान के बीच इन इलाकों में लोगों को अगले कुछ
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144 घंटे तक नहीं थमेगी बारिश

बारिश का दौर अभी थमता नहीं दिख रहा. अगले 144 घंटे पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दक्षिण-पूर्वी यूपी में भारी बारिश हो सकती है. मौसम के इस अनुमान के बीच इन इलाकों में लोगों को अगले कुछ दिनों तक सावधानी बरतने की जरूरत है. मध्य भारत में बारिश अभी कुछ दिन और जारी रह सकती है. अगले 144 घंटे यानी करीब 6 दिनों के मौसम अनुमान के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश,

6 days ago