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महिला या पुरुष

Posted By: Tarun Kumar Posted On: Apr 24, 2026Share Article
महिला या पुरुष
पुरुष और महिलाओं के शरीर में अंतर होता है, इसलिए इनकी गैस में भी अंतर होता है. (Photo: Representative/Getty)

महिला या पुरुष, किसकी गैस होती है खतरनाक? वैज्ञानिकों ने खोली सदियों पुरानी मिस्ट्री

महिला या पुरुष- किसकी गैस ज्यादा खतरनाक गंध छोड़ती है. ये सदियों पुरानी मिस्ट्री का खुलासा वैज्ञानिकों ने कर दिया है. ये आर्टिकल आपको नर और मादा शरीर में होने वाले गैस रिलेटेड चीजों का अंतर बताएगा. साथ ही ये भी किसकी गैस में ज्यादा गंध होती है.

साइंटिफिक स्टडी के मुताबिक महिलाओं की गैस में बदबू ज्यादा होती है, जबकि पुरुष ज्यादा मात्रा में गैस निकालते हैं. स्टडी में पाया गया कि महिलाओं के फ्लेटस में हाइड्रोजन सल्फाइड की कॉन्सेंट्रेशन अधिक है, जिससे गंध तेज महसूस होती है.

यह सवाल सदियों से लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा है. अब वाशिंगटन पोस्ट के आस्क अ डॉक्टर कॉलम में एक स्टडी के आधार पर इसका जवाब दिया गया है. स्टडी बताती है कि महिलाओं की पाद यानी गैस या फ्लेटस में बदबू ज्यादा होती है, लेकिन पुरुष ज्यादा मात्रा में गैस निकालते हैं.

हमारे शरीर में हर रोज खाना पचने की प्रक्रिया चलती रहती है. पेट और आंतों में बैक्टीरिया खाने को तोड़ते हैं. इस प्रक्रिया में गैस बनती है. ज्यादातर गैस बिना बदबू वाली होती है - जैसे नाइट्रोजन, कार्बन डाइऑक्साइड, ऑक्सीजन और हाइड्रोजन. लेकिन कुछ गैसों में सल्फर होता है, जो बदबू पैदा करता है. सबसे मुख्य बदबूदार गैस है हाइड्रोजन सल्फाइड. यह अंडे सड़ने जैसी गंध देती है.

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औसतन इंसान दिन में 10 से 23 बार गैस निकालता है. हर बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में गैस निकलती है. लेकिन हर गैस की बदबू और मात्रा अलग-अलग हो सकती है. यह खाने, बैक्टीरिया और शरीर की बनावट पर निर्भर करता है.

स्टडी कैसे हुई? वैज्ञानिकों ने क्या किया?

डॉक्टर माइकल लेविट ने इस पर रिसर्च की. उन्हें किंग ऑफ फार्ट्स भी कहा जाता है क्योंकि उन्होंने गैस पर बहुत काम किया. स्टडी में 16 स्वस्थ लोग शामिल थे - पुरुष और महिलाएं दोनों.

वैज्ञानिकों ने लोगों को बीन्स (सेम) और लैक्सेटिव (दस्त की दवा जैसी चीज) खिलाई ताकि ज्यादा गैस बने. फिर हर व्यक्ति को एक खास सिस्टम लगाया गया - रेक्टल ट्यूब जो गैस को बैग में इकट्ठा करती थी. इस तरह पूरी गैस इकट्ठी की गई.

इसके बाद गैस के सैंपल लिए गए. इनमें हाइड्रोजन सल्फाइड की मात्रा मापी गई. फिर दो जजों (जिन्हें पता नहीं था कि यह इंसानी गैस है) ने बदबू को सूंघकर रेटिंग दी. वे 0 से 8 तक स्केल पर बदबू की तीव्रता बताते थे. परिणाम चौंकाने वाले थे.

महिलाओं की गैस में हाइड्रोजन सल्फाइड की कॉन्सेंट्रेशन पुरुषों से काफी ज्यादा थी. जजों ने भी महिलाओं की गैस को ज्यादा बदबूदार और तेज गंध वाला बताया. यानी महिलाओं की गैस की बदबू ज्यादा तेज महसूस होती है.

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पुरुषों की गैस में क्या खास है?

स्टडी में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई. पुरुष ज्यादा मात्रा में गैस निकालते हैं. हर बार गैस निकलने पर पुरुषों की गैस का वॉल्यूम महिलाओं से ज्यादा होता था - लगभग आधा कप जितना.

इसका मतलब यह हुआ कि महिलाओं की गैस में बदबूदार तत्व ज्यादा कॉन्सेंट्रेशन में थे, लेकिन पुरुषों की ज्यादा मात्रा के कारण कुल मिलाकर बदबूदार गैस की कुल मात्रा दोनों में लगभग बराबर हो जाती थी. यानी नाक पर असर एक जैसा पड़ सकता है, लेकिन कॉन्सेंट्रेशन के हिसाब से महिलाओं वाली ज्यादा तीखी होती है.

क्यों महिलाओं में हाइड्रोजन सल्फाइड ज्यादा?

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह आंतों के बैक्टीरिया, हार्मोन और खान-पान की आदतों से जुड़ा हो सकता है. महिलाओं के शरीर में कुछ बैक्टीरिया सल्फर युक्त पदार्थों को ज्यादा आसानी से तोड़ते हैं. कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया कि महिलाएं कुछ खाद्य पदार्थों (जैसे सब्जियां या प्रोटीन) को अलग तरीके से पचाती हैं. लेकिन यह अंतर हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है. खाने का असर सबसे बड़ा है - जैसे ब्रोकली, बीन्स, अंडे या मांस ज्यादा खाने से बदबू बढ़ सकती है.

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हवाई जहाज में क्यों ज्यादा गैस बनती है?

वाशिंगटन पोस्ट के लेख में एक और मजेदार बात बताई गई है. हवाई जहाज में ऊंचाई पर हवा का दबाव कम होता है. इससे आंतों में पहले से मौजूद गैस फैल जाती है. यही वजह है कि उड़ान के दौरान कई लोग ज्यादा गैस महसूस करते हैं या असहज होते हैं. यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि फिजिक्स का नियम है.

क्या इससे कोई फायदा भी है?

अजीब बात यह है कि हाइड्रोजन सल्फाइड थोड़ी मात्रा में शरीर के लिए फायदेमंद भी हो सकती है. कुछ स्टडीज बताती हैं कि यह गैस खून की नसों को आराम देने और सूजन कम करने में मदद कर सकती है. लेकिन ज्यादा मात्रा में यह सिर्फ बदबू ही पैदा करती है.

तो आखिर किसकी गैस बदबूदार? स्टडी कहती है- महिलाओं की गैस में बदबू की तीव्रता (Odor Intensity) ज्यादा होती है. लेकिन पुरुष ज्यादा गैस निकालते हैं. यह स्टडी हमें याद दिलाती है कि हमारे शरीर की छोटी-छोटी प्रक्रियाएं भी कितनी रोचक और वैज्ञानिक हो सकती हैं. बदबू से शर्मिंदा होने की बजाय इसे समझना बेहतर है.

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अगर आपकी गैस बार-बार बदबूदार हो तो डॉक्टर से बात करें - कभी-कभी यह खान-पान या पाचन समस्या का संकेत हो सकता है. विज्ञान ने इस पुराने मजाकिया विवाद को एक गंभीर स्टडी के जरिए सुलझा दिया है. अब अगली बार जब कोई पूछे कि किसकी पाद ज्यादा बुरी है, तो आप कॉन्फिडेंटली जवाब दे सकते हैं - महिलाओं की बदबू तेज, पुरुषों की मात्रा ज्यादा.

Science has finally settled the age-old debate of whose farts smell worse — men or women.

A study found women’s flatus had greater odor intensity, but men produced more gas volume, writes our Ask a Doctor columnist. https://t.co/9YUWaezEBi

(यह लेख वाशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित आस्क अ डॉक्टर कॉलम और संबंधित 1998 की स्टडी पर आधारित है. जानकारी केवल नॉलेज के लिए है, मेडिकल सलाह नहीं.)

Source: AajTak
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टिहरी NH-707A डिमटा बैंड पर सड़क वॉशआउट से मसूरी-कैंपटी मार्ग बाधित हुआ है. यातायात ठप है. यात्रियों को परेशानी हो रही है. प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग अपनाने और धैर्य रखने की अपील की है.
विज्ञान
मसूरी-कैंपटी रूट पर भारी बारिश का कहर

टिहरी NH-707A डिमटा बैंड पर सड़क वॉशआउट से मसूरी-कैंपटी मार्ग बाधित हुआ है. यातायात ठप है. यात्रियों को परेशानी हो रही है. प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग अपनाने और धैर्य रखने की अपील की है. उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-707A पर भारी बारिश के कारण डिमटा बैंड के पास सड़क वॉशआउट हो गई है. मसूरी-कैंपटी-यमुना ब्रिज मार्ग का बड़ा हिस्सा

5 days ago

बारिश के मौसम में बच्चों में उल्टी और दस्त के मामले बढ़ रहे हैं, जो दूषित पानी और बैक्टीरिया के कारण होते हैं. डॉ. हिमांशु भदानी के अनुसार, रोटावायरस, ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे
विज्ञान
बच्चे को उल्टी-दस्त हो रहे हैं

बारिश के मौसम में बच्चों में उल्टी और दस्त के मामले बढ़ रहे हैं, जो दूषित पानी और बैक्टीरिया के कारण होते हैं. डॉ. हिमांशु भदानी के अनुसार, रोटावायरस, ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया इस समस्या के मुख्य कारण हैं. बारिश के इस मौसम में बच्चों में उल्टी, दस्त के मामले बढ़ने लगते हैं. कई तरह के बैक्टीरिया के एक्टिव होने के कारण ऐसा होता है. उल्टी-

5 days ago

श्रीलंका के एक अस्पताल में स्ट्रोक के इलाज के दौरान एक मरीज के यूरिनरी ब्लैडर में 3.1 किलो की पथरी मिली, जो सबसे बड़ी ब्लैडर पथरी हो सकती है. मरीज को पेशाब करते समय दर्द की समस्या थी, जिसे
विज्ञान
दिमाग का होना था इलाज

श्रीलंका के एक अस्पताल में स्ट्रोक के इलाज के दौरान एक मरीज के यूरिनरी ब्लैडर में 3.1 किलो की पथरी मिली, जो सबसे बड़ी ब्लैडर पथरी हो सकती है. मरीज को पेशाब करते समय दर्द की समस्या थी, जिसे नजरअंदाज किया गया था. श्रीलंका के एक अस्पताल में ऐसा मामला सामने आया है, जिसने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया. 55 साल का एक मरीज स्ट्रोक ( ब्रेन अटैक) आने के बाद इलाज के

5 days ago

फ्लोरेस में 15 अगस्त के 7.7 भूकंप के बाद 20 अगस्त को 5.9 तीव्रता का नया झटका आया. 70 से अधिक मौतें हुई हैं. लगातार आफ्टरशॉक से डर बढ़ रहा है. राहत कार्य जारी है. इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा
विज्ञान
कांपा इंडोनेशिया

फ्लोरेस में 15 अगस्त के 7.7 भूकंप के बाद 20 अगस्त को 5.9 तीव्रता का नया झटका आया. 70 से अधिक मौतें हुई हैं. लगातार आफ्टरशॉक से डर बढ़ रहा है. राहत कार्य जारी है. इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में स्थित फ्लोरेस द्वीप पर भूकंप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. 15 अगस्त 2026 को सुबह 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था. अब 20 अगस्त गुरुवार को

5 days ago

चीन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ खोजने के लिए अपना बड़ा मिशन भेज रहा है. Chang'e-7 मिशन में रोवर, लैंडर और खास हॉपिंग प्रोब होंगे, जो चांद के उन अंधेरे गड्ढों तक पहुंचेंगे जहां सूरज की
विज्ञान
चांद के अंधेरे राज खोलेगा चीन

चीन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ खोजने के लिए अपना बड़ा मिशन भेज रहा है. Chang'e-7 मिशन में रोवर, लैंडर और खास हॉपिंग प्रोब होंगे, जो चांद के उन अंधेरे गड्ढों तक पहुंचेंगे जहां सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती. चीन 24 अगस्त 2026 को अपना नया चंद्र मिशन Chang'e-7 लॉन्च करने की तैयारी में है. यह मिशन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर जाएगा. यहां वैज्ञानिक पानी की बर्फ और

5 days ago

उत्तराखंड में बारिश के बीच पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने से बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे-07 बंद हो गया है. भल्लेगांव के पास सड़क पर मलबा आने से यातायात थम गया. रास्ता साफ करने के लिए टीमें और
विज्ञान
पहाड़ से गिरे पत्थर-मलबे ने रोकी रफ्तार

उत्तराखंड में बारिश के बीच पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने से बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे-07 बंद हो गया है. भल्लेगांव के पास सड़क पर मलबा आने से यातायात थम गया. रास्ता साफ करने के लिए टीमें और मशीनें मौके पर जुटी हैं. उत्तराखंड में बद्रीनाथ-केदारनाथ नेशनल हाईवे-07 पर बुधवार को रास्ता बंद हो गया. देवप्रयाग और कीर्तिनगर के बीच भगवान के पास भल्लेगांव में

5 days ago