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क्या Chat GPT से मेडिकल रिपोर्ट पढ़ना सही है

Posted By: Hemant Kumar Posted On: Jul 09, 2026Share Article
क्या Chat GPT से मेडिकल रिपोर्ट पढ़ना सही है
मेडिकल रिपोर्ट और एआई ( PHOTO- AI)

क्या Chat GPT से मेडिकल रिपोर्ट पढ़ना सही है? जानिए इसके क्या हैं नुकसान, डॉक्टर की सलाह क्यों है जरूरी

Chat GPT मेडिकल रिपोर्ट को समझने में मदद कर सकता है लेकिन क्या इससे रिपोर्ट पढ़कर पूरा भरोसा करना ठीक है? इस बारे में जानने के लिए हमने डॉ. हर्ष महाजन से बातचीत की है.

पहले कोई व्यक्ति अपनी मेडिकल रिपोर्ट सबसे पहले डॉक्टर को दिखाता था रिपोर्ट की ए, बी, सी, डी डॉक्टर ही मरीज को समझाते थे, लेकिन बीते कुछ सालों में यह तस्वीर बदल गई है. अब लोग ब्लड टेस्ट से लेकर MRI जैसी रिपोर्ट तक को समझने के लिए AI के एक टूल Chat GPT का इस्तेमाल करने लगे हैं. कुछ लोग तो सीटी- एमआरआई और एक्स-रे स्कैन की फोटो भी Chat GPT पर अपलोड करके जानकारी लेते हैं. लेकिन क्या इसके भरोसे मेडिकल रिपोर्ट को समझना सही है? इस बारे में जानने के लिए आजतक.इन ने पद्म श्री पुरस्कार विजेता और महाजन इमेजिंग एंड लैब्स, नई दिल्ली के संस्थापक व चेयरमैन डॉ हर्ष महाजन से बातचीत की है.

डॉ महाजन बताते हैं कि एआई का टूल Chat GPT कोई डॉक्टर नहीं है और ना ही वह डॉक्टर की जगह ले सकता है. एआई केवल इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर जवाब देता है. वह बस मेडिकल रिपोर्ट को आसानी से समझा देता है, लेकिन व्यक्ति की पूरी बीमारी और उसकी हेल्थ के बारे में सही आकलन नहीं कर सकता है.

कई मामलों में लोगों की ब्लड टेस्ट रिपोर्ट में कुछ वैल्यू तय मानक से कम या कुछ ज्यादा हो सकती हैं. एआई इसके हिसाब से ही बीमारी बताने लगता है, लेकिन सच्चाई यह है कि हर मरीज का स्वास्थ्य एक जैसा नहीं होता. कोई भी डॉक्टर रिपोर्ट देखने के बाद मरीज की उम्र, पहले से मौजूद बीमारियां, उसका पारिवारिक इतिहास और सभी नए पुराने लक्षण पूछता है. उसको ध्यान में रखकर ही पूरी रिपोर्ट पढ़ता है और बीमारी का इलाज तय करता है.

AI पर पूरी तरह भरोसा करने के क्या हैं नुकसान

डॉ महाजन बताते हैं कि केवल एआई पर भरोसा करके इलाज खुद से तय करना ठीक नहीं है. कुछ लोग एआई की आधार पर खुद ही दवा लेना शुरू कर देते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. इससे गंभीर नुकसान हो सकता है. कुछ मामलों में हल्की समस्या या फिर रिपोर्ट के किसी एक हिस्से पर ज्यादा जोर दे देता है. एआई कुछ मामलों में इंटरनेट पर उपलब्ध अधूरी या पुरानी जानकारी के आधार पर जवाब दे सकता है. इससे मरीज के बिना वजह परेशान होने की आशंका रहती है.

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AI का सही इस्तेमाल कैसे करें

AI का इस्तेमाल एक जानकारी देने वाले टूल की तरह करें तो बेहतर है. इसकी मदद से आप अपनी रिपोर्ट में लिखे मेडिकल शब्दों का मतलब समझ सकते है. अपनी जर्नल नॉलेज बढ़ाने के लिए बीमारी के बारे में सामान्य जानकारी हासिल कर सकते हैं. लेकिन एआई के जवाब के हिसाब से खुद ही बीमारी के बारे में सोच लेना या किसी निर्णय पर पहुंच जाना ठीक नहीं है. अपनी बीमारी के मामले में आपको हमेशा डॉक्टर की सलाह ही माननी चाहिए.

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विश्वसनीय हेल्थ वेबसाइटों से भी लें जानकारी

डॉ महाजन कहते हैं कि लोगों को सलाह है कि अगर किसी बीमारी के बारे में पढ़ना है और जानकारी लेनी है तो विश्वसनीय हेल्थ वेबसाइट सबसे बेहतर होती हैं. इनपर विशेषज्ञ डॉक्टर की ओर से दी गई जानकारी ही लिखी होती है. उनको पढ़ने से आपको काफी फायदा मिल सकता है.

Source: AajTak
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फ्लोरेस में 15 अगस्त के 7.7 भूकंप के बाद 20 अगस्त को 5.9 तीव्रता का नया झटका आया. 70 से अधिक मौतें हुई हैं. लगातार आफ्टरशॉक से डर बढ़ रहा है. राहत कार्य जारी है. इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में स्थित फ्लोरेस द्वीप पर भूकंप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. 15 अगस्त 2026 को सुबह 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था. अब 20 अगस्त गुरुवार को

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चीन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ खोजने के लिए अपना बड़ा मिशन भेज रहा है. Chang'e-7 मिशन में रोवर, लैंडर और खास हॉपिंग प्रोब होंगे, जो चांद के उन अंधेरे गड्ढों तक पहुंचेंगे जहां सूरज की
विज्ञान
चांद के अंधेरे राज खोलेगा चीन

चीन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ खोजने के लिए अपना बड़ा मिशन भेज रहा है. Chang'e-7 मिशन में रोवर, लैंडर और खास हॉपिंग प्रोब होंगे, जो चांद के उन अंधेरे गड्ढों तक पहुंचेंगे जहां सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती. चीन 24 अगस्त 2026 को अपना नया चंद्र मिशन Chang'e-7 लॉन्च करने की तैयारी में है. यह मिशन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर जाएगा. यहां वैज्ञानिक पानी की बर्फ और

5 days ago

उत्तराखंड में बारिश के बीच पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने से बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे-07 बंद हो गया है. भल्लेगांव के पास सड़क पर मलबा आने से यातायात थम गया. रास्ता साफ करने के लिए टीमें और
विज्ञान
पहाड़ से गिरे पत्थर-मलबे ने रोकी रफ्तार

उत्तराखंड में बारिश के बीच पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने से बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे-07 बंद हो गया है. भल्लेगांव के पास सड़क पर मलबा आने से यातायात थम गया. रास्ता साफ करने के लिए टीमें और मशीनें मौके पर जुटी हैं. उत्तराखंड में बद्रीनाथ-केदारनाथ नेशनल हाईवे-07 पर बुधवार को रास्ता बंद हो गया. देवप्रयाग और कीर्तिनगर के बीच भगवान के पास भल्लेगांव में

5 days ago

जलवायु परिवर्तन के चलते 21वीं सदी के अंत तक उत्तराखंड की कोसी नदी बेसिन के तापमान में बढ़ोतरी की चेतावनी दी गई है. यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, क्योंकि पहाड़ी समुदाय मुख्य रूप से
विज्ञान
21वीं सदी के अंत बढ़ेगा पारा

जलवायु परिवर्तन के चलते 21वीं सदी के अंत तक उत्तराखंड की कोसी नदी बेसिन के तापमान में बढ़ोतरी की चेतावनी दी गई है. यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, क्योंकि पहाड़ी समुदाय मुख्य रूप से प्राकृतिक और स्थानीय जल स्रोतों पर ही निर्भर हैं. दुनिया भर के वैज्ञानिक क्लाइमेट चेंज को लेकर लगातार चिंता जता रहे हैं. इसका गंभीर असर पूरे विश्व में दिखाई देने लगा है.

6 days ago

चांद पर हुई स्पेसएक्स रॉकेट की टक्कर का निशान अब साफ दिखाई दे रहा है. नासा की नई तस्वीरों में क्रैश से बना करीब 60 फीट चौड़ा गड्ढा दिखा है. खास बात ये है कि इसकी तस्वीर लेना भी वैज्ञानिकों
विज्ञान
चांद पर स्पेसएक्स के रॉकेट क्रैश

चांद पर हुई स्पेसएक्स रॉकेट की टक्कर का निशान अब साफ दिखाई दे रहा है. नासा की नई तस्वीरों में क्रैश से बना करीब 60 फीट चौड़ा गड्ढा दिखा है. खास बात ये है कि इसकी तस्वीर लेना भी वैज्ञानिकों के लिए आसान नहीं था. नासा ने चांद पर स्पेसएक्स के रॉकेट के टकराने से बने गड्ढे की नई तस्वीरें जारी की हैं. ये तस्वीरें नासा के Lunar Reconnaissance Orbiter (LRO) ने 11 और 12 अगस्त को लीं.

6 days ago

बारिश का दौर अभी थमता नहीं दिख रहा. अगले 144 घंटे पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दक्षिण-पूर्वी यूपी में भारी बारिश हो सकती है. मौसम के इस अनुमान के बीच इन इलाकों में लोगों को अगले कुछ
विज्ञान
144 घंटे तक नहीं थमेगी बारिश

बारिश का दौर अभी थमता नहीं दिख रहा. अगले 144 घंटे पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दक्षिण-पूर्वी यूपी में भारी बारिश हो सकती है. मौसम के इस अनुमान के बीच इन इलाकों में लोगों को अगले कुछ दिनों तक सावधानी बरतने की जरूरत है. मध्य भारत में बारिश अभी कुछ दिन और जारी रह सकती है. अगले 144 घंटे यानी करीब 6 दिनों के मौसम अनुमान के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश,

6 days ago