दिल्ली-NCR में अगले दो घंटे मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा. बारिश शुरू हो चुकी है. बादलों की वजह से अंधेरा भी है. नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली और गुरुग्राम के कुछ हिस्सों में तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और 25 किमी प्रति घंटे तक की हवाएं चलने का अनुमान है. दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश हो रही है. खराब मौसम की वजह से दिल्ली एयरपोर्ट से 15 उड़ानों को जयपुर डायवर्ट करना
दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोई नया H1N1 स्ट्रेन आया है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौसमी बदलाव के कारण वायरस सक्रिय हो रहा है. राजधानी दिल्ली समेत अब देश क कई दूसरे इलाकों में भी स्वाइन फ्लू के केस बढ़ने लगे हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस वायरस का कोई नया स्ट्रेन आ गया है जो तेजी
Swine Flu vaccination : दिल्ली समेत कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं, कई मरीजों में तेज बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि क्या स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए कोई वैक्सीन है. अगर है तो ये कब लगती है और कौन- कौन इसको लगवा सकता है.Swine Flu vaccination : दिल्ली समेत कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं,
चांद को अब तक शांत और ठंडी दुनिया माना जाता रहा है, लेकिन नई खोज उसके पुराने इतिहास की अलग तस्वीर दिखाती है. वैज्ञानिकों ने चांद की सतह पर दो विशाल ज्वालामुखीय ढांचे खोजे हैं, जो अरबों साल पहले की ज्वालामुखीय गतिविधि के सबूत देते हैं. चांद को देखकर लगता है कि वहां लंबे समय से सब कुछ शांत है. लेकिन वैज्ञानिकों को मिले नए सबूत बताते हैं कि अरबों साल
भारत में मॉनसून बेतरतीब और कमजोर पड़ रहा है. IMD ने अगले दो हफ्तों में सामान्य से कम बारिश की भविष्यवाणी की है. IOD न्यूट्रल है. खरीफ फसलों पर खतरा बढ़ रहा है. अगस्त 2026 के अंत में भारत का दक्षिण-पश्चिम मॉनसून कमजोर और बेतरतीब पैटर्न दिखा रहा है. यूरोप में असामान्य बारिश जारी रहने का अनुमान है, लेकिन भारत में बार-बार होने वाले इंट्रासीजनल ब्रेक (मॉनसून
समंदर में बारूदी सुरंग हटाने का काम कैसे होता है

समंदर में बारूदी सुरंग हटाने का काम कैसे होता है? ईरान ने बिछाया, हटा पाएगा अमेरिका
समंदर और जमीन पर बारूदी सुरंग हटाने का प्रोसेस बेहद खतरनाक और टेक्निकल है. समंदर में सोनार, अंडरवाटर ड्रोन और स्वीपिंग केबल से माइन्स को काटा या फोड़ा जाता है. जमीन पर मेटल डिटेक्टर, रोबोट और मैनुअल तरीके से काम होता है. होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका LCS जहाजों, ड्रोनों और हेलिकॉप्टर से माइन क्लियरेंस चलाएगा. जापान से आने वाले एवेंजर क्लास माइन्सस्वीपर मदद कर सकते हैं.
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने का काम अमेरिकी नौसेना ने शुरू कर दिया है. दो अमेरिकी डेस्ट्रॉयर USS फ्रैंक ई. पीटरसन और USS माइकल मर्फी ने 11 अप्रैल को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार किया और खदानें साफ करने की तैयारी शुरू की. लेकिन बारूदी सुरंग हटाना आसान काम नहीं है. यह बहुत खतरनाक, धीमा और आधुनिक तकनीक वाला काम है.
समंदर में बारूदी सुरंग क्या होती है, माइन्स स्वीपिंग का पूरा प्रोसेस
समंदर में बारूदी सुरंग दो मुख्य प्रकार की होती हैं. एक मोर्ड माइन्स जो समुद्र तल से तार या केबल से बंधी रहती हैं और पानी की सतह के पास फंस जाती हैं. दूसरी बॉटम माइन्स जो तल पर पड़ी रहती हैं और जहाज के चुंबकीय क्षेत्र, आवाज या पानी के दबाव से फट जाती हैं. इनको हटाने के लिए माइन्स स्वीपिंग दो तरीकों से होती है.
यह भी पढ़ें: समंदर में चीन कितना पावरफुल है? होर्मुज ब्लॉकेड को लेकर चीन और अमेरिका के बीच बढ़ रहा तनाव
पहला मैकेनिकल स्वीपिंग यानी काटने वाला तरीका. इसमें माइन्सवीपर जहाज खास तार या केबल खींचते हैं जो माइन्स के बंधे तार को काट देते हैं. कटने के बाद माइन ऊपर तैरकर आ जाती है फिर उसे गोली मारकर या छोटे विस्फोटक से सुरक्षित तरीके से उड़ाया जाता है.
दूसरा तरीका इन्फ्लुएंस स्वीपिंग यानी धोखा देने वाला तरीका. इसमें जहाज या ड्रोन खास उपकरण खींचते हैं जो असली जहाज जैसी चुंबकीय, आवाज या दबाव की लहर पैदा करते हैं. इससे माइन को लगता है कि जहाज आ रहा है और वह खुद फट जाती है. यह तरीका ज्यादा सुरक्षित है क्योंकि असली जहाज दूर रहता है.
पूरी प्रक्रिया में हाई-रेजोल्यूशन सोनार का इस्तेमाल होता है जो समुद्र तल की तस्वीर बनाता है. ऑपरेटर गोल या तार जैसी असामान्य चीज ढूंढते हैं. फिर रिमोट कंट्रोल वाले अंडरवाटर ड्रोन्स या रोबोट माइन की पुष्टि करते हैं और उसे नष्ट करते हैं.
यह भी पढ़ें: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान खुद नहीं खोज पा रहा अपने बारूदी सुरंग, अमेरिका का दावा
समंदर में माइन्स स्वीपिंग की आधुनिक तकनीक, यंत्र और साइंस
आज की माइन्स स्वीपिंग पूरी तरह विज्ञान पर आधारित है. माइन्सवीपर जहाज लकड़ी या फाइबरग्लास से बने होते हैं ताकि उनका चुंबकीय क्षेत्र बहुत कम हो और खुद माइन न फटे. अमेरिका के पास लिटोरल कॉम्बैट शिप्स यानी LCS होते हैं जो अनमैन्ड सर्फेस व्हीकल यानी बिना चालक वाले छोटे जहाज खींचते हैं.
इनमें AN/AQS-20 सोनार लगा होता है जो साइड-स्कैन और वॉल्यूम सर्च करता है. हेलीकॉप्टर जैसे MH-60S सीहॉक लेजर सिस्टम से माइन ढूंढते हैं. आर्चरफिश नामक सिस्टम से उन्हें नष्ट करते हैं. अंडरवाटर ड्रोन्स जैसे नाइफफिश UUV तल पर दबी माइन्स को पहचानते और विस्फोटक लगाकर उड़ाते हैं.
साइंस के हिसाब से यह काम सोनार की ध्वनि तरंगों, चुंबकीय सिमुलेशन और रिमोट डेटोनेशन पर चलता है. पुराने समय में MH-53E सी ड्रैगन हेलीकॉप्टर इस्तेमाल होते थे लेकिन अब वे रिटायर हो चुके हैं. पूरी प्रक्रिया बहुत धीमी होती है क्योंकि हर माइन को ढूंढने, पहचानने और नष्ट करने में घंटों लग सकते हैं.
यह भी पढ़ें: हिमालय और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बीच है एक खास रिश्ता, दोनों के बनने की एक जैसी कहानी
जमीन पर बारूदी सुरंग कैसे हटाई जाती है?
जमीन पर माइन्स हटाना और भी मुश्किल और खतरनाक होता है क्योंकि माइन्स छोटी, छिपी और अलग-अलग प्रकार की होती हैं. सबसे आम तरीका मैनुअल डिमाइनिंग है. ट्रेंड डिमाइनर मेटल डिटेक्टर से माइन ढूंढते हैं फिर सावधानी से खोदकर निकालते हैं या कंट्रोल्ड ब्लास्ट से उड़ाते हैं.
मेटल डिटेक्टर धातु का पता लगाता है जबकि प्रोब यानी लंबी छड़ से जमीन चेक की जाती है. मैकेनिकल तरीके में खास मशीनें जैसे माइन फ्लेल, रोलर या एक्सकेवेटर इस्तेमाल होती हैं जो जमीन को पीटकर या दबाकर माइन्स फटवा देती हैं. कुछ जगहों पर कुत्ते या चूहे सूंघकर माइन ढूंढते हैं.
आधुनिक समय में छोटे रोबोट और ड्रोन्स का भी इस्तेमाल बढ़ रहा है जो सुरक्षित दूरी से काम करते हैं. जमीन पर प्रक्रिया बहुत सावधानी से की जाती है क्योंकि एक गलती से जान जा सकती है. पहले एरिया को सर्वे किया जाता है फिर स्ट्रिप बाई स्ट्रिप क्लियर किया जाता है.
यह भी पढ़ें: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी ब्लॉकेड से 15 भारतीय जहाज फंसे, नौसेना कर रही एस्कॉर्ट
होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका माइन्स कैसे हटाएगा?
अप्रैल 2026 में अमेरिका ने होर्मुज में माइन क्लियरेंस शुरू कर दिया है. पहले दो डेस्ट्रॉयर क्षेत्र को सुरक्षित बनाते हैं और सोनार से स्कैन करते हैं. असली काम अंडरवाटर ड्रोन्स, LCS जहाजों और हेलीकॉप्टरों से होगा. LCS जैसे USS कैनबेरा, सांता बारबरा और तुलसा में माइन काउंटरमेजर पैकेज लगा है.
ये अनमैन्ड सिस्टम खींचते हैं जो सोनार से माइन ढूंढते और इन्फ्लुएंस स्वीप से फटाते हैं. पानी की गहराई, तेज धारा और गंदा पानी होर्मुज में बड़ी चुनौती है. अमेरिका ने पुराने एवेंजर क्लास माइन्सवीपर 2025 में बहरीन से हटा दिए थे इसलिए अब अनमैन्ड टेक्नोलॉजी पर ज्यादा भरोसा है. पूरी क्लियरेंस में कई हफ्ते लग सकते हैं क्योंकि हर माइन को एक-एक करके हैंडल करना पड़ता है.
जापान से आने वाले माइन्स स्वीपर जहाज क्या कर पाएंगे?
अमेरिका के पास अभी सिर्फ चार एवेंजर क्लास माइन्स स्वीपर बचे हैं जो जापान के सासेबो बेस में तैनात हैं. ये पुराने लेकिन स्पेशलाइज्ड जहाज हैं जो सोनार, ROV और स्वीपिंग गियर से अच्छा काम करते हैं. ये मोर्ड और बॉटम माइन्स दोनों को हैंडल कर सकते हैं. लेकिन इन्हें होर्मुज पहुंचने में कई दिन लगेंगे और पेंटागन ने अभी इन्हें भेजने का फैसला नहीं किया है.
यह भी पढ़ें: जम्मू-कश्मीर में बड़ी आफत! 697 में से 315 झीलें गायब, CAG रिपोर्ट में खुलासा
फरवरी 2026 में अमेरिका और जापान ने संयुक्त माइन वारफेयर एक्सरसाइज की थी इसलिए सहयोग संभव है. ये जहाज मदद कर सकते हैं लेकिन अमेरिका मुख्य रूप से LCS और ड्रोन्स पर निर्भर है. अगर जापान के स्वीपर भेजे गए तो काम तेज हो सकता है लेकिन पूरी क्लियरेंस अब भी चुनौतीपूर्ण रहेगी.
होर्मुज में माइन्स साफ करना सिर्फ तकनीकी काम नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था का मुद्दा है क्योंकि यहां से 20% तेल गुजरता है. अमेरिका की नई अनमैन्ड टेक्नोलॉजी अच्छी है लेकिन पुरानी क्षमता की कमी अभी भी दिख रही है.
Source: AajTak
Related Posts: US Navy blockade Iran ports, Strait of Hormuz security, US Iran naval conflict, minesweeping Strait of Hormuz, Iran ports blockade scenario, US military operations Middle East
हिंदुकुश हिमालय में होने वाला पर्यावरणीय परिवर्तन किसी एक देश की समस्या नहीं है. यह पूरे दक्षिण एशिया की जल, खाद्य और पारिस्थितिक सुरक्षा का प्रश्न है. अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक आकलन संकेत देते हैं कि एशिया में तापमान बढ़ने के साथ हिमनदों के पिघलने, बाढ़ और सूखे का जोखिम बढ़ रहा है.हिंदुकुश हिमालय में होने वाला पर्यावरणीय परिवर्तन किसी एक देश
2 days ago
प्रशांत महासागर में बन रहा अल-नीनो इस बार बेहद ताकतवर हो सकता है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इसका असर दुनिया के तापमान, बारिश और मौसम पर पड़ेगा और 2026-27 में गर्मी के नए रिकॉर्ड बन सकते हैं. साल 2026 में दुनिया को एक और बड़ी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रशांत महासागर में बन रहा अल-नीनो इस बार बहुत मजबूत हो सकता है, इतना
2 days ago
1992 में स्विस आल्प्स में लापता हुए दो पर्वतारोहियों का 34 साल बाद पता चला. ग्लेशियर पिघलने पर दोनों के शव मिले और DNA जांच से पहचान हुई. बर्फ में इतने सालों से दबे इस मामले ने सबको चौंका दिया. स्विट्जरलैंड के आल्प्स में 1992 में लापता हुए दो बेल्जियन पर्वतारोहियों के शव 34 साल बाद मिले हैं. 26 जुलाई को एक हाइकर को ट्रिफ्ट ग्लैशियर पर दो शव दिखाई दिए. इसके बाद
3 days ago
ISRO अब रॉकेट बनाने के काम से धीरे-धीरे पीछे हटेगा. PSLV और LVM3 जैसे बड़े रॉकेटों की जिम्मेदारी भी निजी कंपनियों को मिल सकती है. जानिए क्यों इसरो अपनी भूमिका बदलकर रिसर्च और नई स्पेस टेक्नोलॉजी पर फोकस कर रहा है. भारत के स्पेस सेक्टर में बड़ा बदलाव होने वाला है. इसरो अब खुद रॉकेट बनाने का काम धीरे-धीरे बंद करेगा. आगे रॉकेट बनाने की जिम्मेदारी निजी
3 days ago
एक के बाद एक बड़े भूकंपों ने फिर दुनिया का ध्यान खींचा. आखिर क्यों पैसिफिक रिंग ऑफ फायर में धरती बार-बार कांपती है. क्या इन भूकंपों के बीच सच में कोई कनेक्शन है. पेरू में गुरुवार को 6.7 तीव्रता का भूकंप आया. यूएसजीएस के मुताबिक इसका केंद्र जमीन से करीब 66 KM नीचे था. यह भूकंप ऐसे समय आया है जब हाल के दिनों में इंडोनेशिया और कोलंबिया समेत कई जगहों पर 7 से
3 days ago
दिल्ली में इस साल स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हुई है, जिसमें पिछले 14 दिनों में 433 नए केस दर्ज हुए हैं. दिल्ली सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. दिल्ली इन दिनों स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लूएंजा A(H1N1) के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. राजधानी
3 days ago
भारत में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे 13.5 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हैं, वजन घटाने के लिए दवाओं और बैरिएट्रिक सर्जरी दोनों विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन सही इलाज क्या है इस बारे में दिल्ली AIIMS के सर्जरी विभाग में मेटाबॉलिक, बैरिएट्रिक और किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. मंजूनाथ मारूति पोल ने बताया है.भारत में मोटापे की
3 days ago
विशाखापट्टनम में 6 साल के बच्चे की टीचर की डांट और थप्पड़ के बाद कथित तौर पर हार्ट अटैक से मौत हो गई, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक कैसे हो सकता है. विशेषज्ञों ने इस बारे में बताया है. विशाखापट्टनम में एलकेजी में पढ़ने वाले एक 6 साल के बच्चे की कथित तौर पर टीचर की डांट और थप्पड़ के बाद मौत हो गई. इस घटना का सीसीटीवी वीडियो भी
3 days ago
पहाड़ों से पिघलकर अब तक बह जाने वाला पानी लद्दाख के खेतों तक पहुंचेगा. ग्लेशियर से रोज 9 करोड़ लीटर पानी नहर में लाया जा रहा है. इससे पानी की कमी से जूझ रहे 12 गांवों में 1000 एकड़ से ज्यादा जमीन की सिंचाई आसान होगी. लद्दाख में ग्लेशियर से पिघलकर बहने वाला करीब 9 करोड़ लीटर पानी अब खेतों तक पहुंचेगा. लेह के स्टोक गांव के नाले से आने वाले इस पानी को 43
3 days ago
अगले चार हफ्तों में बारिश का पैटर्न बदल सकता है. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश जारी रहने के बाद 5-10 सितंबर से देश के बड़े हिस्से में मॉनसून की गतिविधि कम होने के संकेत मिल रहे हैं. मौसम के अगले चार हफ्तों को लेकर एक अहम अनुमान सामने आया है. मौसम मॉडल के मुताबिक, अगले दो हफ्तों तक पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश जारी रह सकती है. लेकिन 5 से 10
3 days ago
ISRO लॉन्च व्हीकल और सामान्य सैटेलाइट के निर्माण का काम धीरे-धीरे निजी क्षेत्र को सौंपेगा. वहीं, ISRO रिसर्च, नई तकनीक और वैज्ञानिक मिशनों पर ज्यादा ध्यान देगा. यह बदलाव भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को 2033 तक 44 अरब डॉलर तक पहुंचाने की योजना का हिस्सा है.ISRO लॉन्च व्हीकल और सामान्य सैटेलाइट के निर्माण का काम धीरे-धीरे निजी क्षेत्र को सौंपेगा. वहीं, ISRO
3 days ago
जहां पानी रोजमर्रा की जरूरत है, वहीं अब इसकी सप्लाई टैंकरों के भरोसे है. श्रीलंका में सूखे ने ऐसा संकट खड़ा किया है कि हजारों लोगों के लिए पानी की हर बूंद जरूरी हो गई है. श्रीलंका में सूखे के कारण पानी की कमी बढ़ गई है. देश के सात जिलों में करीब 72 हजार लोगों तक सरकार टैंकरों से पानी पहुंचा रही है. इस स्थिति की एक बड़ी वजह इस साल का अल-नीनो बताया जा रहा
3 days ago
नासा के 22 साल पुराने स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप को बचाने की कोशिश को बड़ा झटका लगा है. इसे ऊंची ऑर्बिट में ले जाने के लिए स्पेस में गया- LINK स्पेसक्राफ्ट तकनीकी खराबी से बेकाबू हो गया. अब स्विफ्ट के धरती पर गिरने का खतरा बढ़ गया है. नासा के करीब 22 साल पुराने स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप को बचाने की कोशिश नाकाम हो गई है. स्विफ्ट को ऊंची ऑर्बिट में ले जाने के
5 days ago
कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में निधन हो गया, 84 वर्षीय सज्जन कुमार को ऑल्टर्ड सेंसोरियम की समस्या के साथ भर्ती कराया गया था. कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का निधन हो गया है .उन्हें गुरुवार सुबह करीब 11 बजे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनका निधन कैसे हुआ इसके बारे में सफजरजंग अस्पताल
5 days ago
जिस खदान से रोजी-रोटी की उम्मीद थी, वही मौत की वजह बन गई. सेंट्रल अफ्रीकी रिपब्लिक में खदान ढहने से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अब भी मलबे में फंसे हैं. सेंट्रल अफ्रीकी रिपब्लिक के पश्चिमी हिस्से में मंगलवार सुबह एक सोने की खदान अचानक ढह गई. इस हादसे में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. हादसा अब्बा इलाके में एक छोटी सोने की खदान में हुआ.
5 days ago
डैंड्रफ को हल्की समस्या समझकर नजरअंदाज करना गलत है, शैंपू को बालों पर लगाने के बजाय स्कैल्प पर अच्छी तरह लगाना और जरूरी है. लेकिन कुछ लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर से इलाज कराना जरूरी है. डैंड्रफ बालों में होने वाली एक आम समस्या है. इससे बचाव के लिए लोग कई तरह के शैंपू यूज करते हैं. लेकिन क्या केवल शैंपू से डैंड्रफ की समस्या खत्म हो सकती है. इस मामले
5 days ago
बारिश के मौसम में देशभर में जहरीले सांप के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे कई मौतें हो चुकी हैं. अधिकतर मामलों में मौत जहरीले सांप के काटने से होती है, जिसके बाद शरीर में कुछ लक्षण जरूर दिखते हैं. इनकी समय पर पहचान और इलाज से मरीज की जान बचाई जा सकती है.बारिश के मौसम में देशभर में जहरीले सांप के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे कई मौतें हो चुकी
5 days ago
मॉर्डना और मर्क कंपनी ने एक पर्सनलाइज्ड mRNA कैंसर वैक्सीन थेरेपी विकसित की है, जो स्किन कैंसर के मरीजों के लिए फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में सफल साबित हुई है. यह थेरेपी मरीज के कैंसर म्यूटेशन के आधार पर तैयार की गई है. मॉर्डना और मर्क कंपनी ने दो कॉम्बिनेशन मिलाकर एक कैंसर वैक्सीन थेरेपी बनाई है. इसको फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में बड़ी सफलता मिली है. यह
5 days ago
तीन ज्वालामुखी, कुछ घंटे और अलग-अलग इलाके… पहली नजर में यह किसी बड़ी जियोलॉजिकल हलचल का संकेत लग सकता है. समझिए इन विस्फोटों के पीछे की वजह क्या है, कहीं भूकंप तो नहीं. इंडोनेशिया में मंगलवार रात कुछ ही घंटों के अंदर तीन एक्टिव ज्वालामुखियों में विस्फोट हुआ. पूर्वी जावा में माउंट सेमेरू, ईस्ट नुसा तेंगारा में माउंट लेवोटोबी लाकी-लाकी और नॉर्थ
5 days ago
ब्राजील के जहरीले सांप Bothrops jararaca के जहर पर हुई रिसर्च की मदद से एक दवा बनाने की राह बनी. वैज्ञानिकों ने सांप के जहर में मौजूद ब्रैडीकिनिन-पोटेंशियेटिंग पेप्टाइड्स के बारे मे रिसर्च की और उससे प्रेरणा लेकर Captopril दवा विकसित हुई. बारिश के इस मौसम में देशभर के कई जिलों से सांप काटने की घटनाएं सामने आ रही हैं. इनमें कुछ लोगों की मौत भी हो गई है. सांप के जहर
5 days ago
मॉडर्ना और मर्क की MRNA थेरेपी ने मेलानोमा स्किन कैंसर के इलाज में नई उम्मीद जगाई है. फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में यह थेरेपी कैंसर के दोबारा लौटने के जोखिम को काफी हद तक कम करने में सफल रही है. कैंसर की सर्जरी सफल हो जाने के बाद भी मरीज और डॉक्टरों के सामने एक बड़ा डर बना रहता है. कहीं बीमारी दोबारा वापस न आ जाए. खासकर स्किन कैंसर जिसे मेलानोमा कहते हैं
5 days ago
टिहरी NH-707A डिमटा बैंड पर सड़क वॉशआउट से मसूरी-कैंपटी मार्ग बाधित हुआ है. यातायात ठप है. यात्रियों को परेशानी हो रही है. प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग अपनाने और धैर्य रखने की अपील की है. उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-707A पर भारी बारिश के कारण डिमटा बैंड के पास सड़क वॉशआउट हो गई है. मसूरी-कैंपटी-यमुना ब्रिज मार्ग का बड़ा हिस्सा
5 days ago
बारिश के मौसम में बच्चों में उल्टी और दस्त के मामले बढ़ रहे हैं, जो दूषित पानी और बैक्टीरिया के कारण होते हैं. डॉ. हिमांशु भदानी के अनुसार, रोटावायरस, ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया इस समस्या के मुख्य कारण हैं. बारिश के इस मौसम में बच्चों में उल्टी, दस्त के मामले बढ़ने लगते हैं. कई तरह के बैक्टीरिया के एक्टिव होने के कारण ऐसा होता है. उल्टी-
5 days ago
श्रीलंका के एक अस्पताल में स्ट्रोक के इलाज के दौरान एक मरीज के यूरिनरी ब्लैडर में 3.1 किलो की पथरी मिली, जो सबसे बड़ी ब्लैडर पथरी हो सकती है. मरीज को पेशाब करते समय दर्द की समस्या थी, जिसे नजरअंदाज किया गया था. श्रीलंका के एक अस्पताल में ऐसा मामला सामने आया है, जिसने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया. 55 साल का एक मरीज स्ट्रोक ( ब्रेन अटैक) आने के बाद इलाज के
5 days ago
फ्लोरेस में 15 अगस्त के 7.7 भूकंप के बाद 20 अगस्त को 5.9 तीव्रता का नया झटका आया. 70 से अधिक मौतें हुई हैं. लगातार आफ्टरशॉक से डर बढ़ रहा है. राहत कार्य जारी है. इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में स्थित फ्लोरेस द्वीप पर भूकंप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. 15 अगस्त 2026 को सुबह 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था. अब 20 अगस्त गुरुवार को
5 days ago
चीन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ खोजने के लिए अपना बड़ा मिशन भेज रहा है. Chang'e-7 मिशन में रोवर, लैंडर और खास हॉपिंग प्रोब होंगे, जो चांद के उन अंधेरे गड्ढों तक पहुंचेंगे जहां सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती. चीन 24 अगस्त 2026 को अपना नया चंद्र मिशन Chang'e-7 लॉन्च करने की तैयारी में है. यह मिशन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर जाएगा. यहां वैज्ञानिक पानी की बर्फ और
5 days ago
उत्तराखंड में बारिश के बीच पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने से बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे-07 बंद हो गया है. भल्लेगांव के पास सड़क पर मलबा आने से यातायात थम गया. रास्ता साफ करने के लिए टीमें और मशीनें मौके पर जुटी हैं. उत्तराखंड में बद्रीनाथ-केदारनाथ नेशनल हाईवे-07 पर बुधवार को रास्ता बंद हो गया. देवप्रयाग और कीर्तिनगर के बीच भगवान के पास भल्लेगांव में
5 days ago