अमेरिका: प्राइवेट इक्विटी फर्मों द्वारा अधिग्रहित अस्पतालों में क्यों बढ़ी मौतों की संख्या? चौंका देगी ये स्टडी

Posted By: Tarun Kumar Posted On: Sep 24, 2025Share Article

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल, पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी और शिकागो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा सैकड़ों अस्पतालों पर किए गए एक स्टडी के अनुसार, प्राइवेट इक्विटी फर्मों द्वारा अधिग्रहित अमेरिकी अस्पतालों के इमरजेंसी विभागों में प्राइवेट इक्विटी द्वारा अधिग्रहित नहीं किए अस्पतालों की तुलना में रोगियों की मृत्यु दर में वृद्धि हुई है।

एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में 23 सितंबर को प्रकाशित स्टडी इस बात के और भी ठोस प्रमाण प्रस्तुत करते हैं कि स्वास्थ्य सेवा के इस profit ownership स्वामित्व मॉडल के कारण रोगियों की मृत्यु दर में वृद्धि हुई है। इस स्टडी में यह भी पाया गया कि निजी इक्विटी अस्पतालों में कर्मचारियों और वेतन में भारी कटौती हुई है, जिसे शोधकर्ताओं ने रोगियों की मृत्यु दर में वृद्धि का संभावित कारण बताया है।

एचएमएस के ब्लावात्निक संस्थान में स्वास्थ्य सेवा नीति के एसोसिएट प्रोफेसर और मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल में एचएमएस के मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर, वरिष्ठ लेखक ज़िरुई सोंग ने कहा, "कर्मचारियों की संख्या में कटौती फर्म और उसके निवेशकों के लिए वित्तीय लाभ उत्पन्न करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सामान्य रणनीतियों में से एक है।" सोंग ने कहा, "मेडिकेयर के मरीज़ों में, जो अक्सर ज़्यादा उम्र के और ज़्यादा कमज़ोर होते हैं, यह स्टडी दर्शाता है कि ये वित्तीय रणनीतियां संभावित रूप से खतरनाक और यहां तक कि जानलेवा परिणाम भी दे सकती हैं।"

शोधकर्ताओं ने आगे पाया कि प्राइवेट इक्विटी द्वारा अस्पतालों के अधिग्रहण के बाद, मरीज़ों का दूसरे अस्पतालों में ट्रांसफर बढ़ गया और गहन चिकित्सा इकाइयों में रहने का समय कम हो गया। साथ ही संभवतः कर्मचारियों की संख्या में कटौती के कारण, प्राइवेट इक्विटी फर्मों द्वारा अधिग्रहण के बाद अस्पतालों की उच्च जोखिम वाले मरीज़ों की देखभाल करने की क्षमता कम हो गई थी।

प्राइवेट इक्विटी, स्वास्थ्य सेवा में निवेशक-आधारित, प्राइवेट ऑनरशिप का एक रूप है। प्राइवेट इक्विटी फर्म, स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं को खरीदने के लिए इनवेस्टर्ट और ऋणदाताओं से मिलने वाले धन का उपयोग करती हैं। अधिग्रहित प्रदाता उस नए ऋण को चुकाने का दायित्व लेते हैं। अमेरिका में सैकड़ों अस्पतालों और नर्सिंग होम के साथ-साथ हज़ारों चिकित्सकीय केंद्रों का इस तरह अधिग्रहण किया गया है।

इस स्टडी में 49 प्राइवेट इक्विटी अस्पतालों को शामिल किया गया। 10 लाख से ज़्यादा बार इमरजेंसी में जाने और 1,21,000 आईसीयू में भर्ती होने की तुलना सरकारी नियंत्रण वाले 293 अस्पतालों में 60 लाख से ज़्यादा बार इमरजेंसी विभाग में जाने और 7,60,000 आईसीयू में भर्ती होने से की गई। इसमें 2009 से 2019 तक के 100% मेडिकेयर पार्ट ए और पार्ट बी दावों और Cost रिपोर्ट डेटा का इस्तेमाल किया गया, जिसमें देश भर में पारंपरिक मेडिकेयर रोगियों के लिए अस्पताल में भर्ती होने और इमरजेंसी में जाने की संख्या शामिल है।

टीम ने पाया कि प्राइवेट इक्विटी अस्पतालों के इमरजेंसी विभागों में अधिग्रहण के बाद प्रति 10 हजार विजिट पर सात अतिरिक्त मौतें हुईं, जबकि प्राइवेट इक्विटी द्वारा अधिग्रहित नहीं किए गए अस्पतालों में यह वृद्धि 52 मौतों की आधार रेखा से 13 प्रतिशत ज्यादा थी।

आंकड़ों से पता चला है कि अधिग्रहण के बाद, प्राइवेट इक्विटी अस्पतालों ने इमरजेंसी विभाग में वेतन खर्च में 18 प्रतिशत और आईसीयू में 16 प्रतिशत की कमी की, जबकि प्राइवेट इक्विटी द्वारा अधिग्रहित नहीं किए गए अस्पतालों ने ऐसा नहीं किया। प्राइवेट इक्विटी अस्पतालों ने पूर्णकालिक कर्मचारियों की संख्या में औसतन 11.6 प्रतिशत और वेतन व्यय में 16.6 प्रतिशत की कमी की। सोंग ने कहा कि इन कटौतियों के चिंताजनक होने का एक कारण यह है कि इमरजेंसी विभागों और गहन चिकित्सा इकाइयों (ICU) में की जाने वाली देखभाल ज़्यादातर मरीज़ों के बिस्तर के पास, आमने-सामने की मानवीय बातचीत तक ही सीमित रहती है।

सोंग ने कहा, "ये ऐसे स्थान हैं जहां कर्मचारियों की संख्या में कटौती का मतलब अक्सर लोगों की देखभाल करने की क्षमता में कटौती करना होता है।" यह रिसर्च JAMA में प्रकाशित एक पूर्व अध्ययन पर आधारित है, जिसमें प्राइवेट इक्विटी अधिग्रहण के बाद अस्पताल के इनपेशेंट वार्डों में संक्रमण सहित रोके जा सकने वाली प्रतिकूल घटनाओं में 25 प्रतिशत की वृद्धि का खुलासा हुआ था। जिसका संभावित कारण कर्चारियों की कटौती बताई गई।

स्वास्थ्य सेवा में प्राइवेट इक्विटी अधिग्रहणों को अक्सर देखभाल में सुधार के लिए जरूरी पूंजी निवेश की सुविधा प्रदान करके बीमार अस्पतालों को मज़बूत करने के प्रयास के रूप में प्रचारित किया जाता है। हालांकि, JAMA इंटरनल मेडिसिन में 2024 के एक अध्ययन में, सॉन्ग और उनके सहयोगियों ने पाया कि प्राइवेट इक्विटी फर्मों द्वारा आर्थिक रूप से मजबूत अस्पतालों को खरीदने की संभावना अधिक होती है, जो राजस्व उत्पन्न करते हुए नया लोन लेने में अधिक सक्षम होते हैं।

Source: IndiaTV
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