दिल्ली-NCR में अगले दो घंटे मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा. बारिश शुरू हो चुकी है. बादलों की वजह से अंधेरा भी है. नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली और गुरुग्राम के कुछ हिस्सों में तेज बारिश के साथ बिजली
विज्ञान

दिल्ली-NCR में अगले दो घंटे मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा. बारिश शुरू हो चुकी है. बादलों की वजह से अंधेरा भी है. नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली और गुरुग्राम के कुछ हिस्सों में तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और 25 किमी प्रति घंटे तक की हवाएं चलने का अनुमान है. दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश हो रही है. खराब मौसम की वजह से दिल्ली एयरपोर्ट से 15 उड़ानों को जयपुर डायवर्ट करना

दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोई नया H1N1 स्ट्रेन आया है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौसमी बदलाव के कारण वायरस सक्रिय हो रहा
विज्ञान

दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोई नया H1N1 स्ट्रेन आया है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौसमी बदलाव के कारण वायरस सक्रिय हो रहा है. राजधानी दिल्ली समेत अब देश क कई दूसरे इलाकों में भी स्वाइन फ्लू के केस बढ़ने लगे हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस वायरस का कोई नया स्ट्रेन आ गया है जो तेजी

Swine Flu vaccination : दिल्ली समेत कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं, कई मरीजों में तेज बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि क्या
विज्ञान

Swine Flu vaccination : दिल्ली समेत कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं, कई मरीजों में तेज बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि क्या स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए कोई वैक्सीन है. अगर है तो ये कब लगती है और कौन- कौन इसको लगवा सकता है.Swine Flu vaccination : दिल्ली समेत कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं,

चांद को अब तक शांत और ठंडी दुनिया माना जाता रहा है, लेकिन नई खोज उसके पुराने इतिहास की अलग तस्वीर दिखाती है. वैज्ञानिकों ने चांद की सतह पर दो विशाल ज्वालामुखीय ढांचे खोजे हैं, जो अरबों
विज्ञान

चांद को अब तक शांत और ठंडी दुनिया माना जाता रहा है, लेकिन नई खोज उसके पुराने इतिहास की अलग तस्वीर दिखाती है. वैज्ञानिकों ने चांद की सतह पर दो विशाल ज्वालामुखीय ढांचे खोजे हैं, जो अरबों साल पहले की ज्वालामुखीय गतिविधि के सबूत देते हैं. चांद को देखकर लगता है कि वहां लंबे समय से सब कुछ शांत है. लेकिन वैज्ञानिकों को मिले नए सबूत बताते हैं कि अरबों साल

भारत में मॉनसून बेतरतीब और कमजोर पड़ रहा है. IMD ने अगले दो हफ्तों में सामान्य से कम बारिश की भविष्यवाणी की है. IOD न्यूट्रल है. खरीफ फसलों पर खतरा बढ़ रहा है. अगस्त 2026 के अंत में भारत का
विज्ञान

भारत में मॉनसून बेतरतीब और कमजोर पड़ रहा है. IMD ने अगले दो हफ्तों में सामान्य से कम बारिश की भविष्यवाणी की है. IOD न्यूट्रल है. खरीफ फसलों पर खतरा बढ़ रहा है. अगस्त 2026 के अंत में भारत का दक्षिण-पश्चिम मॉनसून कमजोर और बेतरतीब पैटर्न दिखा रहा है. यूरोप में असामान्य बारिश जारी रहने का अनुमान है, लेकिन भारत में बार-बार होने वाले इंट्रासीजनल ब्रेक (मॉनसून

हिंदुकुश हिमालय में होने वाला पर्यावरणीय परिवर्तन किसी एक देश की समस्या नहीं है. यह पूरे दक्षिण एशिया की जल, खाद्य और पारिस्थितिक सुरक्षा का प्रश्न है. अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक आकलन
विज्ञान

हिंदुकुश हिमालय में होने वाला पर्यावरणीय परिवर्तन किसी एक देश की समस्या नहीं है. यह पूरे दक्षिण एशिया की जल, खाद्य और पारिस्थितिक सुरक्षा का प्रश्न है. अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक आकलन संकेत देते हैं कि एशिया में तापमान बढ़ने के साथ हिमनदों के पिघलने, बाढ़ और सूखे का जोखिम बढ़ रहा है.हिंदुकुश हिमालय में होने वाला पर्यावरणीय परिवर्तन किसी एक देश

प्रशांत महासागर में बन रहा अल-नीनो इस बार बेहद ताकतवर हो सकता है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इसका असर दुनिया के तापमान, बारिश और मौसम पर पड़ेगा और 2026-27 में गर्मी के नए रिकॉर्ड बन सकते
विज्ञान

प्रशांत महासागर में बन रहा अल-नीनो इस बार बेहद ताकतवर हो सकता है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इसका असर दुनिया के तापमान, बारिश और मौसम पर पड़ेगा और 2026-27 में गर्मी के नए रिकॉर्ड बन सकते हैं. साल 2026 में दुनिया को एक और बड़ी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रशांत महासागर में बन रहा अल-नीनो इस बार बहुत मजबूत हो सकता है, इतना

1992 में स्विस आल्प्स में लापता हुए दो पर्वतारोहियों का 34 साल बाद पता चला. ग्लेशियर पिघलने पर दोनों के शव मिले और DNA जांच से पहचान हुई. बर्फ में इतने सालों से दबे इस मामले ने सबको चौंका दिया.
विज्ञान

1992 में स्विस आल्प्स में लापता हुए दो पर्वतारोहियों का 34 साल बाद पता चला. ग्लेशियर पिघलने पर दोनों के शव मिले और DNA जांच से पहचान हुई. बर्फ में इतने सालों से दबे इस मामले ने सबको चौंका दिया. स्विट्जरलैंड के आल्प्स में 1992 में लापता हुए दो बेल्जियन पर्वतारोहियों के शव 34 साल बाद मिले हैं. 26 जुलाई को एक हाइकर को ट्रिफ्ट ग्लैशियर पर दो शव दिखाई दिए. इसके बाद

फेल फास्ट, लर्न फास्ट... ISRO का कल्चर है सीखने का, दोबारा सही करने का और आगे बढ़ने का

Posted By: Vishal Maurya Posted On: Jan 13, 2026Share Article
फेल फास्ट, लर्न फास्ट
इसरो ने अपनी हर असफलता के बाद और ऊंची उड़ान भरी है. चांद और मंगल तक पहुंचा है. (Photo: ISRO)

फेल फास्ट, लर्न फास्ट... ISRO का कल्चर है सीखने का, दोबारा सही करने का और आगे बढ़ने का

साइंस का मतलब है एक्सपेरिमेंट. यानी करके देखो... फिर सीखो और आगे बढ़ो. फेल फास्ट एंड लर्न फास्ट का कल्चर ISRO में उसके पैदा होने से अब तक है. इसरो हर असफलता के बाद और ज्यादा मजबूत होकर लौटता है. PSLV-C61 और C62 दोनों तीसरे स्टेज की समस्या से फेल हुए. लेकिन इसरो का रिकॉर्ड शानदार है- 64 फ्लाइट्स में ~94% सफलता.

अक्षय कुमार की फिल्म मिशन मंगल में एक सीन है. जिसमें वो एक जांच कमेटी के सामने बैठे हैं. एक वैज्ञानिक नासा से आता है. अक्षय कहते हैं कि जेंटलमैन वी आर साइंटिस्ट. देअर इज नो साइंस विदाउट एक्सपेरिमेंट. मतलब करके देखो. उससे सीखो. एक्सपेरिमेंट नहीं करेंगे तो हमें अपने आप को साइंटिस्ट कहने का कोई अधिकार नहीं है. नासा ने भी विफलताओं से सीखा. तब इतने सफल हुए.

अब बात करते है इसरो (ISRO) की. भारत की स्पेस एजेंसी दुनिया के उन चुनिंदा स्पेस संगठनों में से एक है, जो असफलता को अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत मानता है. हाल ही में PSLV-C61 (मई 2025) और PSLV-C62 (जनवरी 2026) दोनों मिशनों की असफलता ने सवाल उठाए हैं, लेकिन इसरो का इतिहास बताता है कि यह हर झटके से सीखकर और मजबूत होकर लौटता है.

इसरो की रेजिलिएंस इसलिए अनोखी है क्योंकि सीमित बजट (~$1.6 बिलियन सालाना, NASA से 1/10th) में भी उच्च सफलता दर है. यह 'फेल फास्ट, लर्न फास्ट' कल्चर से आता है. असफलताएं कम हैं (PSLV में ~6-8%, GSLV में ज्यादा लेकिन सुधार तेज). C62 के बाद भी इसरो मजबूत होकर लौटेगा-जैसे चंद्रयान-2 से चंद्रयान-3 तक हुआ. असफलता अंत नहीं, नई शुरुआत है.

यह भी पढ़ें: 'नर्वस नाइंटीज' का शिकार क्यों हो रहा इसरो का PSLV रॉकेट? लगातार दूसरी असफलता

हाल की असफलताएं: PSLV-C61 और C62 में क्या हुआ?

PSLV-C61 (18 मई 2025): EOS-09 सैटेलाइट मिशन. तीसरे स्टेज (PS3) में चैंबर प्रेशर अचानक गिरा. थ्रस्ट कम हुआ. सैटेलाइट सही ऑर्बिट में नहीं पहुंचा. ISRO चेयरमैन वी. नारायणन ने इसे छोटी समस्या कहा. फेलियर एनालिसिस कमिटी (FAC) ने जांच पूरी की. रिपोर्ट PMO को सौंपी, लेकिन सार्वजनिक नहीं हुई.

PSLV-C62 (12 जनवरी 2026): EOS-N1 (अन्वेषा) सहित 16 सैटेलाइट्स खो गए. तीसरे स्टेज के अंत में रोल रेट डिस्टर्बेंस और फ्लाइट पाथ गड़बड़ हुआ. ISRO ने कहा कि डेटा विश्लेषण चल रहा है.

दोनों में समस्या तीसरे स्टेज (सॉलिड फ्यूल मोटर) से जुड़ी थी. C61 के बाद सुधार किए गए थे (जैसे नोजल/प्रोपेलेंट चेक), लेकिन C62 में समस्या वापस आई. संभावित कारण हो सकता है कि फ्लेक्स नोजल एरोजन, मटेरियल की कमजोरी या क्वालिटी कंट्रोल में कमी.

C61 के बाद क्या सुधार किए गए थे?

C61 असफलता के बाद ISRO ने थर्ड स्टेज के सॉलिड मोटर का विस्तृत रिव्यू किया. प्रोपेलेंट कास्टिंग, केसिंग इंस्पेक्शन और नोजल टेस्टिंग बढ़ाई. ग्राउंड टेस्ट्स में अतिरिक्त सिमुलेशन किए. फिर भी C62 में समस्या आई, जिससे लगता है कि सुधार पूरी तरह प्रभावी नहीं रहे या नई कमजोरी उभरी. रिपोर्ट सार्वजनिक न होने से पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं.

इसरो का PSLV रिकॉर्ड: आंकड़े बताते हैं मजबूती

यह रिकॉर्ड दिखाता है कि दो या चार असफलताएं इसरो की विश्वसनीयता को खत्म नहीं करतीं.

इसरो की प्रमुख असफलताओं के बाद कैसे सुधार हुआ?

इसरो ने हमेशा असफलता से सीखा है...

SLV-3 (1979): पहली फ्लाइट फेल. रोहिणी टेक्नोलॉजी पेलोड नहीं पहुंचा. डिजाइन और टेस्टिंग मजबूत की गई. 1980 में SLV-3 सफल लॉन्च – भारत स्पेस क्लब में शामिल.

ASLV (1987-1994): पहले तीन लॉन्च फेल हुए. कंट्रोल सिस्टम, स्टेज सेपरेशन और टेस्टिंग में बदलाव किया गया. 1994 में ASLV-D4 सफल हुआ. यहीं PSLV रॉकेट की नींव बनी.

PSLV-D1 (1993): पहली फ्लाइट फेल (सॉफ्टवेयर बग). सॉफ्टवेयर वैलिडेशन और इंटीग्रेशन प्रोसेस अपग्रेड किया गया. उसके बाद 24 साल तक कोई बड़ा फेलियर नहीं हुआ.

PSLV-C39 (2017): हीट शील्ड फेलियर से IRNSS-1H खो गया. पायरो सेपरेशन और हीट शील्ड मैकेनिज्म बदला गया. उसके बाद कई सफल मल्टी-सैटेलाइट लॉन्च.

GSLV-F10 (2021): क्रायोजेनिक इग्निशन फेल हुआ. इग्निशन सिस्टम और वॉल्व टेस्टिंग मजबूत की गई. बाद में GSLV-F12 से सफल NVS-01 लॉन्च हुआ.

Chandrayaan-2 (2019): विक्रम लैंडर क्रैश हुआ. लैंडर सॉफ्टवेयर, सेंसर्स, वेलोसिटी रिडक्शन और सिमुलेशन में बड़े बदलाव किए गए. Chandrayaan-3 (2023) – विश्व में पहली बार चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग की गई.

यह भी पढ़ें: अंतरिक्ष में गायब हुए इंडिया के भेजे 16 सैटेलाइट्स, जानिए खराब सैटेलाइट्स कहां गिराए जाते हैं

इसरो की रेजिलिएंस की असली वजहें

C62 झटका अस्थायी है

PSLV-C61 और C62 की असफलताएं चिंताजनक हैं. खासकर कॉमर्शियल और रक्षा मिशनों के लिए. लेकिन इसरो का इतिहास साफ है- यह संगठन हर बार मजबूत होकर लौटता है. जांच पूरी होने पर थर्ड स्टेज में नए सुधार होंगे. नए मटेरियल होंगे. बेहतर क्वालिटी चेक और अतिरिक्त टेस्टिंग की जाएगी.

PSLV जल्द ही अपनी पुरानी विश्वसनीयता वापस पा लेगा. इसरो की कहानी सिर्फ सफलताओं की नहीं, बल्कि असफलताओं से उठने की है. यह भारत की वैज्ञानिक भावना का प्रतीक है- जो गिरता है, लेकिन फिर आसमान छूता है.

Source: AajTak
Related Posts: ISRO resilience, PSLV failure recovery, PSLV-C61 failure, PSLV-C62 failure, third stage issue, PS3 problem, failure analysis committee, FAC report, ISRO setbacks

Comment on Post

Leave a comment

If you have a News Orbit 360 user account, your address will be used to display your profile picture.


ISRO अब रॉकेट बनाने के काम से धीरे-धीरे पीछे हटेगा. PSLV और LVM3 जैसे बड़े रॉकेटों की जिम्मेदारी भी निजी कंपनियों को मिल सकती है. जानिए क्यों इसरो अपनी भूमिका बदलकर रिसर्च और नई स्पेस
विज्ञान
अब इसरो नहीं बनाएगा रॉकेट

ISRO अब रॉकेट बनाने के काम से धीरे-धीरे पीछे हटेगा. PSLV और LVM3 जैसे बड़े रॉकेटों की जिम्मेदारी भी निजी कंपनियों को मिल सकती है. जानिए क्यों इसरो अपनी भूमिका बदलकर रिसर्च और नई स्पेस टेक्नोलॉजी पर फोकस कर रहा है. भारत के स्पेस सेक्टर में बड़ा बदलाव होने वाला है. इसरो अब खुद रॉकेट बनाने का काम धीरे-धीरे बंद करेगा. आगे रॉकेट बनाने की जिम्मेदारी निजी

3 days ago

दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में क्यों आ रहे हैं इतने बड़े भूकंप
विज्ञान
दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में क्यों आ रहे हैं इतने बड़े भूकंप

एक के बाद एक बड़े भूकंपों ने फिर दुनिया का ध्यान खींचा. आखिर क्यों पैसिफिक रिंग ऑफ फायर में धरती बार-बार कांपती है. क्या इन भूकंपों के बीच सच में कोई कनेक्शन है. पेरू में गुरुवार को 6.7 तीव्रता का भूकंप आया. यूएसजीएस के मुताबिक इसका केंद्र जमीन से करीब 66 KM नीचे था. यह भूकंप ऐसे समय आया है जब हाल के दिनों में इंडोनेशिया और कोलंबिया समेत कई जगहों पर 7 से

3 days ago

दिल्ली में इस साल स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हुई है, जिसमें पिछले 14 दिनों में 433 नए केस दर्ज हुए हैं. दिल्ली सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने निगरानी व्यवस्था
विज्ञान
स्वाइन फ्लू के केस क्यों बढ़ रहे

दिल्ली में इस साल स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हुई है, जिसमें पिछले 14 दिनों में 433 नए केस दर्ज हुए हैं. दिल्ली सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. दिल्ली इन दिनों स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लूएंजा A(H1N1) के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. राजधानी

3 days ago

भारत में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे 13.5 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हैं, वजन घटाने के लिए दवाओं और बैरिएट्रिक सर्जरी दोनों विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन सही इलाज क्या है इस बारे
विज्ञान
कितने वजन पर सर्जरी की जरूरत

भारत में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे 13.5 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हैं, वजन घटाने के लिए दवाओं और बैरिएट्रिक सर्जरी दोनों विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन सही इलाज क्या है इस बारे में दिल्ली AIIMS के सर्जरी विभाग में मेटाबॉलिक, बैरिएट्रिक और किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. मंजूनाथ मारूति पोल ने बताया है.भारत में मोटापे की

3 days ago

विशाखापट्टनम में 6 साल के बच्चे की टीचर की डांट और थप्पड़ के बाद कथित तौर पर हार्ट अटैक से मौत हो गई, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक कैसे हो सकता है. विशेषज्ञों ने इस
विज्ञान
टीचर की डांट से बच्चे की मौत

विशाखापट्टनम में 6 साल के बच्चे की टीचर की डांट और थप्पड़ के बाद कथित तौर पर हार्ट अटैक से मौत हो गई, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक कैसे हो सकता है. विशेषज्ञों ने इस बारे में बताया है. विशाखापट्टनम में एलकेजी में पढ़ने वाले एक 6 साल के बच्चे की कथित तौर पर टीचर की डांट और थप्पड़ के बाद मौत हो गई. इस घटना का सीसीटीवी वीडियो भी

3 days ago

ग्लेशियर पिघलने से लद्दाख के किसानों की लगी लॉटरी
विज्ञान
ग्लेशियर पिघलने से लद्दाख के किसानों की लगी लॉटरी

पहाड़ों से पिघलकर अब तक बह जाने वाला पानी लद्दाख के खेतों तक पहुंचेगा. ग्लेशियर से रोज 9 करोड़ लीटर पानी नहर में लाया जा रहा है. इससे पानी की कमी से जूझ रहे 12 गांवों में 1000 एकड़ से ज्यादा जमीन की सिंचाई आसान होगी. लद्दाख में ग्लेशियर से पिघलकर बहने वाला करीब 9 करोड़ लीटर पानी अब खेतों तक पहुंचेगा. लेह के स्टोक गांव के नाले से आने वाले इस पानी को 43

3 days ago

अगले चार हफ्तों में बारिश का पैटर्न बदल सकता है. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश जारी रहने के बाद 5-10 सितंबर से देश के बड़े हिस्से में मॉनसून की गतिविधि कम होने के संकेत मिल रहे हैं.
विज्ञान
सितंबर में बारिश का ब्रेक

अगले चार हफ्तों में बारिश का पैटर्न बदल सकता है. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश जारी रहने के बाद 5-10 सितंबर से देश के बड़े हिस्से में मॉनसून की गतिविधि कम होने के संकेत मिल रहे हैं. मौसम के अगले चार हफ्तों को लेकर एक अहम अनुमान सामने आया है. मौसम मॉडल के मुताबिक, अगले दो हफ्तों तक पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश जारी रह सकती है. लेकिन 5 से 10

3 days ago

ISRO लॉन्च व्हीकल और सामान्य सैटेलाइट के निर्माण का काम धीरे-धीरे निजी क्षेत्र को सौंपेगा. वहीं, ISRO रिसर्च, नई तकनीक और वैज्ञानिक मिशनों पर ज्यादा ध्यान देगा. यह बदलाव भारत की अंतरिक्ष
विज्ञान
ISRO अब नहीं बनाएगा लॉन्च व्हीकल

ISRO लॉन्च व्हीकल और सामान्य सैटेलाइट के निर्माण का काम धीरे-धीरे निजी क्षेत्र को सौंपेगा. वहीं, ISRO रिसर्च, नई तकनीक और वैज्ञानिक मिशनों पर ज्यादा ध्यान देगा. यह बदलाव भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को 2033 तक 44 अरब डॉलर तक पहुंचाने की योजना का हिस्सा है.ISRO लॉन्च व्हीकल और सामान्य सैटेलाइट के निर्माण का काम धीरे-धीरे निजी क्षेत्र को सौंपेगा. वहीं, ISRO

3 days ago

जहां पानी रोजमर्रा की जरूरत है, वहीं अब इसकी सप्लाई टैंकरों के भरोसे है. श्रीलंका में सूखे ने ऐसा संकट खड़ा किया है कि हजारों लोगों के लिए पानी की हर बूंद जरूरी हो गई है. श्रीलंका में
विज्ञान
पानी के लिए 3 दिन इंतजार

जहां पानी रोजमर्रा की जरूरत है, वहीं अब इसकी सप्लाई टैंकरों के भरोसे है. श्रीलंका में सूखे ने ऐसा संकट खड़ा किया है कि हजारों लोगों के लिए पानी की हर बूंद जरूरी हो गई है. श्रीलंका में सूखे के कारण पानी की कमी बढ़ गई है. देश के सात जिलों में करीब 72 हजार लोगों तक सरकार टैंकरों से पानी पहुंचा रही है. इस स्थिति की एक बड़ी वजह इस साल का अल-नीनो बताया जा रहा

3 days ago

नासा के स्विफ्ट टेलीस्कोप का रेस्क्यू मिशन फेल
विज्ञान
नासा के स्विफ्ट टेलीस्कोप का रेस्क्यू मिशन फेल

नासा के 22 साल पुराने स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप को बचाने की कोशिश को बड़ा झटका लगा है. इसे ऊंची ऑर्बिट में ले जाने के लिए स्पेस में गया- LINK स्पेसक्राफ्ट तकनीकी खराबी से बेकाबू हो गया. अब स्विफ्ट के धरती पर गिरने का खतरा बढ़ गया है. नासा के करीब 22 साल पुराने स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप को बचाने की कोशिश नाकाम हो गई है. स्विफ्ट को ऊंची ऑर्बिट में ले जाने के

5 days ago

कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में निधन हो गया, 84 वर्षीय सज्जन कुमार को ऑल्टर्ड सेंसोरियम की समस्या के साथ भर्ती कराया गया था. कांग्रेस के पूर्व
विज्ञान
सज्जन कुमार का निधन किस वजह से हुआ

कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में निधन हो गया, 84 वर्षीय सज्जन कुमार को ऑल्टर्ड सेंसोरियम की समस्या के साथ भर्ती कराया गया था. कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का निधन हो गया है .उन्हें गुरुवार सुबह करीब 11 बजे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनका निधन कैसे हुआ इसके बारे में सफजरजंग अस्पताल

5 days ago

जिस खदान से रोजी-रोटी की उम्मीद थी, वही मौत की वजह बन गई. सेंट्रल अफ्रीकी रिपब्लिक में खदान ढहने से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अब भी मलबे में फंसे हैं. सेंट्रल अफ्रीकी
विज्ञान
सोने की खदान बनी मौत का कुआं

जिस खदान से रोजी-रोटी की उम्मीद थी, वही मौत की वजह बन गई. सेंट्रल अफ्रीकी रिपब्लिक में खदान ढहने से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अब भी मलबे में फंसे हैं. सेंट्रल अफ्रीकी रिपब्लिक के पश्चिमी हिस्से में मंगलवार सुबह एक सोने की खदान अचानक ढह गई. इस हादसे में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. हादसा अब्बा इलाके में एक छोटी सोने की खदान में हुआ.

5 days ago

डैंड्रफ को हल्की समस्या समझकर नजरअंदाज करना गलत है, शैंपू को बालों पर लगाने के बजाय स्कैल्प पर अच्छी तरह लगाना और जरूरी है. लेकिन कुछ लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर से इलाज कराना जरूरी है.
विज्ञान
डैंड्रफ खत्म करने के लिए कैसे शैंपू यूज करें

डैंड्रफ को हल्की समस्या समझकर नजरअंदाज करना गलत है, शैंपू को बालों पर लगाने के बजाय स्कैल्प पर अच्छी तरह लगाना और जरूरी है. लेकिन कुछ लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर से इलाज कराना जरूरी है. डैंड्रफ बालों में होने वाली एक आम समस्या है. इससे बचाव के लिए लोग कई तरह के शैंपू यूज करते हैं. लेकिन क्या केवल शैंपू से डैंड्रफ की समस्या खत्म हो सकती है. इस मामले

5 days ago

बारिश के मौसम में देशभर में जहरीले सांप के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे कई मौतें हो चुकी हैं. अधिकतर मामलों में मौत जहरीले सांप के काटने से होती है, जिसके बाद शरीर में कुछ लक्षण
विज्ञान
सांप के काटने पर जरूर दिखते हैं ये 8 लक्षण

बारिश के मौसम में देशभर में जहरीले सांप के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे कई मौतें हो चुकी हैं. अधिकतर मामलों में मौत जहरीले सांप के काटने से होती है, जिसके बाद शरीर में कुछ लक्षण जरूर दिखते हैं. इनकी समय पर पहचान और इलाज से मरीज की जान बचाई जा सकती है.बारिश के मौसम में देशभर में जहरीले सांप के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे कई मौतें हो चुकी

5 days ago

मॉर्डना और मर्क कंपनी ने एक पर्सनलाइज्ड mRNA कैंसर वैक्सीन थेरेपी विकसित की है, जो स्किन कैंसर के मरीजों के लिए फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में सफल साबित हुई है. यह थेरेपी मरीज के कैंसर
विज्ञान
कैंसर थेरेपी और वैक्सीन में क्या है अंतर

मॉर्डना और मर्क कंपनी ने एक पर्सनलाइज्ड mRNA कैंसर वैक्सीन थेरेपी विकसित की है, जो स्किन कैंसर के मरीजों के लिए फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में सफल साबित हुई है. यह थेरेपी मरीज के कैंसर म्यूटेशन के आधार पर तैयार की गई है. मॉर्डना और मर्क कंपनी ने दो कॉम्बिनेशन मिलाकर एक कैंसर वैक्सीन थेरेपी बनाई है. इसको फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में बड़ी सफलता मिली है. यह

5 days ago

तीन ज्वालामुखी, कुछ घंटे और अलग-अलग इलाके… पहली नजर में यह किसी बड़ी जियोलॉजिकल हलचल का संकेत लग सकता है. समझिए इन विस्फोटों के पीछे की वजह क्या है, कहीं भूकंप तो नहीं. इंडोनेशिया में
विज्ञान
इंडोनेशिया में 3 ज्वालामुखी फटे

तीन ज्वालामुखी, कुछ घंटे और अलग-अलग इलाके… पहली नजर में यह किसी बड़ी जियोलॉजिकल हलचल का संकेत लग सकता है. समझिए इन विस्फोटों के पीछे की वजह क्या है, कहीं भूकंप तो नहीं. इंडोनेशिया में मंगलवार रात कुछ ही घंटों के अंदर तीन एक्टिव ज्वालामुखियों में विस्फोट हुआ. पूर्वी जावा में माउंट सेमेरू, ईस्ट नुसा तेंगारा में माउंट लेवोटोबी लाकी-लाकी और नॉर्थ

5 days ago

सांप के जहर से यूं निकला था हाई बीपी की दवा का फार्मूला
विज्ञान
सांप के जहर से यूं निकला था हाई बीपी की दवा का फार्मूला

ब्राजील के जहरीले सांप Bothrops jararaca के जहर पर हुई रिसर्च की मदद से एक दवा बनाने की राह बनी. वैज्ञानिकों ने सांप के जहर में मौजूद ब्रैडीकिनिन-पोटेंशियेटिंग पेप्टाइड्स के बारे मे रिसर्च की और उससे प्रेरणा लेकर Captopril दवा विकसित हुई. बारिश के इस मौसम में देशभर के कई जिलों से सांप काटने की घटनाएं सामने आ रही हैं. इनमें कुछ लोगों की मौत भी हो गई है. सांप के जहर

5 days ago

मॉडर्ना और मर्क की MRNA थेरेपी ने मेलानोमा स्किन कैंसर के इलाज में नई उम्मीद जगाई है. फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में यह थेरेपी कैंसर के दोबारा लौटने के जोखिम को काफी हद तक कम करने में सफल रही है.
विज्ञान
दोबारा कैंसर फैलने से रोका जा सकेगा

मॉडर्ना और मर्क की MRNA थेरेपी ने मेलानोमा स्किन कैंसर के इलाज में नई उम्मीद जगाई है. फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में यह थेरेपी कैंसर के दोबारा लौटने के जोखिम को काफी हद तक कम करने में सफल रही है. कैंसर की सर्जरी सफल हो जाने के बाद भी मरीज और डॉक्टरों के सामने एक बड़ा डर बना रहता है. कहीं बीमारी दोबारा वापस न आ जाए. खासकर स्किन कैंसर जिसे मेलानोमा कहते हैं

5 days ago

टिहरी NH-707A डिमटा बैंड पर सड़क वॉशआउट से मसूरी-कैंपटी मार्ग बाधित हुआ है. यातायात ठप है. यात्रियों को परेशानी हो रही है. प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग अपनाने और धैर्य रखने की अपील की है.
विज्ञान
मसूरी-कैंपटी रूट पर भारी बारिश का कहर

टिहरी NH-707A डिमटा बैंड पर सड़क वॉशआउट से मसूरी-कैंपटी मार्ग बाधित हुआ है. यातायात ठप है. यात्रियों को परेशानी हो रही है. प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग अपनाने और धैर्य रखने की अपील की है. उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-707A पर भारी बारिश के कारण डिमटा बैंड के पास सड़क वॉशआउट हो गई है. मसूरी-कैंपटी-यमुना ब्रिज मार्ग का बड़ा हिस्सा

5 days ago

बारिश के मौसम में बच्चों में उल्टी और दस्त के मामले बढ़ रहे हैं, जो दूषित पानी और बैक्टीरिया के कारण होते हैं. डॉ. हिमांशु भदानी के अनुसार, रोटावायरस, ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे
विज्ञान
बच्चे को उल्टी-दस्त हो रहे हैं

बारिश के मौसम में बच्चों में उल्टी और दस्त के मामले बढ़ रहे हैं, जो दूषित पानी और बैक्टीरिया के कारण होते हैं. डॉ. हिमांशु भदानी के अनुसार, रोटावायरस, ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया इस समस्या के मुख्य कारण हैं. बारिश के इस मौसम में बच्चों में उल्टी, दस्त के मामले बढ़ने लगते हैं. कई तरह के बैक्टीरिया के एक्टिव होने के कारण ऐसा होता है. उल्टी-

5 days ago

श्रीलंका के एक अस्पताल में स्ट्रोक के इलाज के दौरान एक मरीज के यूरिनरी ब्लैडर में 3.1 किलो की पथरी मिली, जो सबसे बड़ी ब्लैडर पथरी हो सकती है. मरीज को पेशाब करते समय दर्द की समस्या थी, जिसे
विज्ञान
दिमाग का होना था इलाज

श्रीलंका के एक अस्पताल में स्ट्रोक के इलाज के दौरान एक मरीज के यूरिनरी ब्लैडर में 3.1 किलो की पथरी मिली, जो सबसे बड़ी ब्लैडर पथरी हो सकती है. मरीज को पेशाब करते समय दर्द की समस्या थी, जिसे नजरअंदाज किया गया था. श्रीलंका के एक अस्पताल में ऐसा मामला सामने आया है, जिसने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया. 55 साल का एक मरीज स्ट्रोक ( ब्रेन अटैक) आने के बाद इलाज के

5 days ago

फ्लोरेस में 15 अगस्त के 7.7 भूकंप के बाद 20 अगस्त को 5.9 तीव्रता का नया झटका आया. 70 से अधिक मौतें हुई हैं. लगातार आफ्टरशॉक से डर बढ़ रहा है. राहत कार्य जारी है. इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा
विज्ञान
कांपा इंडोनेशिया

फ्लोरेस में 15 अगस्त के 7.7 भूकंप के बाद 20 अगस्त को 5.9 तीव्रता का नया झटका आया. 70 से अधिक मौतें हुई हैं. लगातार आफ्टरशॉक से डर बढ़ रहा है. राहत कार्य जारी है. इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में स्थित फ्लोरेस द्वीप पर भूकंप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. 15 अगस्त 2026 को सुबह 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था. अब 20 अगस्त गुरुवार को

5 days ago

चीन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ खोजने के लिए अपना बड़ा मिशन भेज रहा है. Chang'e-7 मिशन में रोवर, लैंडर और खास हॉपिंग प्रोब होंगे, जो चांद के उन अंधेरे गड्ढों तक पहुंचेंगे जहां सूरज की
विज्ञान
चांद के अंधेरे राज खोलेगा चीन

चीन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ खोजने के लिए अपना बड़ा मिशन भेज रहा है. Chang'e-7 मिशन में रोवर, लैंडर और खास हॉपिंग प्रोब होंगे, जो चांद के उन अंधेरे गड्ढों तक पहुंचेंगे जहां सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती. चीन 24 अगस्त 2026 को अपना नया चंद्र मिशन Chang'e-7 लॉन्च करने की तैयारी में है. यह मिशन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर जाएगा. यहां वैज्ञानिक पानी की बर्फ और

5 days ago

उत्तराखंड में बारिश के बीच पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने से बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे-07 बंद हो गया है. भल्लेगांव के पास सड़क पर मलबा आने से यातायात थम गया. रास्ता साफ करने के लिए टीमें और
विज्ञान
पहाड़ से गिरे पत्थर-मलबे ने रोकी रफ्तार

उत्तराखंड में बारिश के बीच पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने से बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे-07 बंद हो गया है. भल्लेगांव के पास सड़क पर मलबा आने से यातायात थम गया. रास्ता साफ करने के लिए टीमें और मशीनें मौके पर जुटी हैं. उत्तराखंड में बद्रीनाथ-केदारनाथ नेशनल हाईवे-07 पर बुधवार को रास्ता बंद हो गया. देवप्रयाग और कीर्तिनगर के बीच भगवान के पास भल्लेगांव में

5 days ago

जलवायु परिवर्तन के चलते 21वीं सदी के अंत तक उत्तराखंड की कोसी नदी बेसिन के तापमान में बढ़ोतरी की चेतावनी दी गई है. यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, क्योंकि पहाड़ी समुदाय मुख्य रूप से
विज्ञान
21वीं सदी के अंत बढ़ेगा पारा

जलवायु परिवर्तन के चलते 21वीं सदी के अंत तक उत्तराखंड की कोसी नदी बेसिन के तापमान में बढ़ोतरी की चेतावनी दी गई है. यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, क्योंकि पहाड़ी समुदाय मुख्य रूप से प्राकृतिक और स्थानीय जल स्रोतों पर ही निर्भर हैं. दुनिया भर के वैज्ञानिक क्लाइमेट चेंज को लेकर लगातार चिंता जता रहे हैं. इसका गंभीर असर पूरे विश्व में दिखाई देने लगा है.

6 days ago

चांद पर हुई स्पेसएक्स रॉकेट की टक्कर का निशान अब साफ दिखाई दे रहा है. नासा की नई तस्वीरों में क्रैश से बना करीब 60 फीट चौड़ा गड्ढा दिखा है. खास बात ये है कि इसकी तस्वीर लेना भी वैज्ञानिकों
विज्ञान
चांद पर स्पेसएक्स के रॉकेट क्रैश

चांद पर हुई स्पेसएक्स रॉकेट की टक्कर का निशान अब साफ दिखाई दे रहा है. नासा की नई तस्वीरों में क्रैश से बना करीब 60 फीट चौड़ा गड्ढा दिखा है. खास बात ये है कि इसकी तस्वीर लेना भी वैज्ञानिकों के लिए आसान नहीं था. नासा ने चांद पर स्पेसएक्स के रॉकेट के टकराने से बने गड्ढे की नई तस्वीरें जारी की हैं. ये तस्वीरें नासा के Lunar Reconnaissance Orbiter (LRO) ने 11 और 12 अगस्त को लीं.

6 days ago

बारिश का दौर अभी थमता नहीं दिख रहा. अगले 144 घंटे पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दक्षिण-पूर्वी यूपी में भारी बारिश हो सकती है. मौसम के इस अनुमान के बीच इन इलाकों में लोगों को अगले कुछ
विज्ञान
144 घंटे तक नहीं थमेगी बारिश

बारिश का दौर अभी थमता नहीं दिख रहा. अगले 144 घंटे पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दक्षिण-पूर्वी यूपी में भारी बारिश हो सकती है. मौसम के इस अनुमान के बीच इन इलाकों में लोगों को अगले कुछ दिनों तक सावधानी बरतने की जरूरत है. मध्य भारत में बारिश अभी कुछ दिन और जारी रह सकती है. अगले 144 घंटे यानी करीब 6 दिनों के मौसम अनुमान के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश,

6 days ago