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क्यों रूस से परमाणु मिसाइल खरीदना चाहते थे एलन मस्क

Posted By: Hemant Kumar Posted On: Aug 07, 2026Share Article
क्यों रूस से परमाणु मिसाइल खरीदना चाहते थे एलन मस्क
एलन मस्क स्पेसएक्स शुरू करने से पहले रूस गए थे. वहां सेना के अधिकारियों से मिसाइल के बारे में बात की थी. (Photo: ITG)

क्यों रूस से परमाणु मिसाइल खरीदना चाहते थे एलन मस्क, खुद किया खुलासा

एलन मस्क ने खुलासा किया कि स्पेसएक्स शुरू करने से पहले वे 2001-2002 में मॉस्को गए थे. रूसी सैन्य अधिकारियों से ICBM मिसाइलें खरीदने की बातचीत की थी. मकसद मंगल मिशन था, न कि हमला करने के लिए.

स्पेसएक्स के फाउंडर एलन मस्क ने एक दिलचस्प और चौंकाने वाला किस्सा साझा किया है. उन्होंने बताया कि स्पेसएक्स की स्थापना से पहले 2001 और 2002 के आसपास वे मॉस्को गए थे ताकि रूसी अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें यानी आईसीबीएम खरीद सकें.

मस्क का मकसद इन मिसाइलों को परमाणु हथियार के रूप में इस्तेमाल करना नहीं बल्कि अंतरिक्ष यात्रा के लिए रॉकेट बनाना था. उन्होंने कहा कि यह अनुभव काफी रोमांचक और अजीब था. रूसी सैन्य उच्च अधिकारियों से मिलकर मिसाइल खरीदने की बातचीत करना किसी साहसिक कहानी जैसा लगता है.

मस्क ने बताया कि वे रूस गए थे क्योंकि हथियार कटौती के चलते रूस को अपनी कई बड़ी परमाणु मिसाइलों को नष्ट करना पड़ रहा था. उन्होंने सोचा कि क्यों न इनमें से दो मिसाइलें ली जाएं, उनमें से परमाणु हिस्सा हटा दिया जाए और मंगल ग्रह तक पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त अपर स्टेज जोड़ दिया जाए.

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उनका लक्ष्य सस्ते और प्रभावी रॉकेट हासिल करना था जो अंतरिक्ष खोज में मदद कर सकें. उस समय मस्क ने स्पेसएक्स शुरू नहीं किया था. वे पेपाल बेचने के बाद अपनी संपत्ति से अंतरिक्ष के सपने को साकार करने की कोशिश कर रहे थे. रूसी आईसीबीएम खरीदने का विचार उनके लिए एक व्यावहारिक और किफायती रास्ता लगता था क्योंकि नई मिसाइल या रॉकेट विकसित करने में बहुत समय और पैसा लगता.

Elon Musk reveals he flew to Moscow to buy actual nuclear missiles before he started SpaceX

"I went to Russia in like 2001 and 2002 to buy ICBMs, which is an adventure. You go and meet with Russian high command and say, I'd like to buy some ICBMs"

"Not to nuke anyone, but as a… pic.twitter.com/busDpNb99A

यह योजना सुनने में अजीब लगती है लेकिन उस दौर के संदर्भ में समझ में आती है. शीत युद्ध खत्म होने के बाद रूस के पास बड़ी संख्या में मिसाइलें थीं जिन्हें नष्ट करना था. कई पश्चिमी कंपनियां और उद्यमी इनका शांतिपूर्ण उपयोग करने के बारे में सोच रहे थे. मस्क ने साफ कहा कि उनका इरादा किसी पर हमला करने का नहीं था बल्कि सिर्फ रॉकेट तकनीक हासिल करने का था.

मॉस्को में बातचीत का अनुभव

मस्क ने उस अनुभव को ट्रिप्पी यानी अजीब और सपनों जैसा बताया. 2001 में मॉस्को में रूसी सैन्य कमांड से मिलकर आईसीबीएम खरीदने की बातचीत करना आसान नहीं था. उन्होंने कहा कि रूसी अधिकारी कीमत बढ़ाते जा रहे थे जो सामान्य बातचीत के उलटा था. आमतौर पर बातचीत में कीमत घटती है लेकिन यहां उल्टा हो रहा था.

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यह बातचीत सफल नहीं हुई. कीमत बहुत ज्यादा हो गई. अन्य कारणों से सौदा नहीं हो सका. इसके बाद मस्क ने फैसला किया कि वे खुद रॉकेट बनाएंगे. यही सोच स्पेसएक्स की नींव बनी. रूसी सैन्य अधिकारियों से सीधे बातचीत करना उस समय के राजनीतिक माहौल में भी जोखिम भरा कदम था. फिर भी मस्क ने इसे आजमाया.

यह असफल कोशिश बाद में स्पेसएक्स की सफलता की कहानी का हिस्सा बन गई. जब मिसाइल खरीदने का प्लान फेल हो गया तो मस्क ने अपनी कंपनी बनाई और खुद रॉकेट विकसित करने का फैसला किया. आज स्पेसएक्स पुन: उपयोगी रॉकेट, स्टारशिप और उपग्रह इंटरनेट जैसे क्षेत्रों में अग्रणी है.

मस्क अक्सर इस बात पर जोर देते हैं कि अंतरिक्ष खोज के लिए सस्ता और विश्वसनीय तरीका खोजना जरूरी है. रूसी आईसीबीएम वाली कहानी उनके शुरुआती संघर्ष और दृढ़ संकल्प को दिखाती है. इस खुलासे से एक बात साफ होती है कि बड़े सपने देखने वाले लोग कभी-कभी असामान्य रास्ते अपनाते हैं.

मस्क की यह कोशिश विफल रही लेकिन इससे उन्हें सबक मिला कि निर्भर रहने के बजाय खुद तकनीक विकसित करना बेहतर है. आज जब स्पेसएक्स नियमित रूप से रॉकेट लॉन्च कर रहा है. मंगल मिशन की तैयारी कर रहा है तो यह कहानी और भी दिलचस्प लगती है.

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सुरक्षा और नैतिक पहलू

हालांकि मस्क ने साफ कहा कि परमाणु हथियार इस्तेमाल करने का कोई इरादा नहीं था लेकिन ऐसे प्रयासों पर सुरक्षा संबंधी सवाल भी उठते हैं. किसी निजी व्यक्ति का सैन्य मिसाइल खरीदने की कोशिश करना अंतरराष्ट्रीय नियमों और सुरक्षा चिंताओं से जुड़ा मुद्दा है.

उस समय के हथियार कटौती समझौतों के तहत मिसाइलों का शांतिपूर्ण उपयोग संभव था लेकिन प्रक्रिया जटिल होती. मस्क का यह अनुभव दिखाता है कि निजी क्षेत्र अब अंतरिक्ष और रक्षा तकनीक में कितनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है. कुल मिलाकर एलन मस्क का यह खुलासा उनके करियर की शुरुआती जद्दोजहद और साहसिक सोच को उजागर करता है. स्पेसएक्स से पहले मॉस्को की यात्रा एक दिलचस्प अध्याय है जो बताता है कि कैसे एक असफल प्रयास ने इतिहास बदलने वाली कंपनी को जन्म दिया.

Source: AajTak
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टिहरी NH-707A डिमटा बैंड पर सड़क वॉशआउट से मसूरी-कैंपटी मार्ग बाधित हुआ है. यातायात ठप है. यात्रियों को परेशानी हो रही है. प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग अपनाने और धैर्य रखने की अपील की है. उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-707A पर भारी बारिश के कारण डिमटा बैंड के पास सड़क वॉशआउट हो गई है. मसूरी-कैंपटी-यमुना ब्रिज मार्ग का बड़ा हिस्सा

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बारिश के मौसम में बच्चों में उल्टी और दस्त के मामले बढ़ रहे हैं, जो दूषित पानी और बैक्टीरिया के कारण होते हैं. डॉ. हिमांशु भदानी के अनुसार, रोटावायरस, ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे
विज्ञान
बच्चे को उल्टी-दस्त हो रहे हैं

बारिश के मौसम में बच्चों में उल्टी और दस्त के मामले बढ़ रहे हैं, जो दूषित पानी और बैक्टीरिया के कारण होते हैं. डॉ. हिमांशु भदानी के अनुसार, रोटावायरस, ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया इस समस्या के मुख्य कारण हैं. बारिश के इस मौसम में बच्चों में उल्टी, दस्त के मामले बढ़ने लगते हैं. कई तरह के बैक्टीरिया के एक्टिव होने के कारण ऐसा होता है. उल्टी-

5 days ago

श्रीलंका के एक अस्पताल में स्ट्रोक के इलाज के दौरान एक मरीज के यूरिनरी ब्लैडर में 3.1 किलो की पथरी मिली, जो सबसे बड़ी ब्लैडर पथरी हो सकती है. मरीज को पेशाब करते समय दर्द की समस्या थी, जिसे
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दिमाग का होना था इलाज

श्रीलंका के एक अस्पताल में स्ट्रोक के इलाज के दौरान एक मरीज के यूरिनरी ब्लैडर में 3.1 किलो की पथरी मिली, जो सबसे बड़ी ब्लैडर पथरी हो सकती है. मरीज को पेशाब करते समय दर्द की समस्या थी, जिसे नजरअंदाज किया गया था. श्रीलंका के एक अस्पताल में ऐसा मामला सामने आया है, जिसने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया. 55 साल का एक मरीज स्ट्रोक ( ब्रेन अटैक) आने के बाद इलाज के

5 days ago

फ्लोरेस में 15 अगस्त के 7.7 भूकंप के बाद 20 अगस्त को 5.9 तीव्रता का नया झटका आया. 70 से अधिक मौतें हुई हैं. लगातार आफ्टरशॉक से डर बढ़ रहा है. राहत कार्य जारी है. इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा
विज्ञान
कांपा इंडोनेशिया

फ्लोरेस में 15 अगस्त के 7.7 भूकंप के बाद 20 अगस्त को 5.9 तीव्रता का नया झटका आया. 70 से अधिक मौतें हुई हैं. लगातार आफ्टरशॉक से डर बढ़ रहा है. राहत कार्य जारी है. इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में स्थित फ्लोरेस द्वीप पर भूकंप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. 15 अगस्त 2026 को सुबह 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था. अब 20 अगस्त गुरुवार को

5 days ago

चीन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ खोजने के लिए अपना बड़ा मिशन भेज रहा है. Chang'e-7 मिशन में रोवर, लैंडर और खास हॉपिंग प्रोब होंगे, जो चांद के उन अंधेरे गड्ढों तक पहुंचेंगे जहां सूरज की
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चांद के अंधेरे राज खोलेगा चीन

चीन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ खोजने के लिए अपना बड़ा मिशन भेज रहा है. Chang'e-7 मिशन में रोवर, लैंडर और खास हॉपिंग प्रोब होंगे, जो चांद के उन अंधेरे गड्ढों तक पहुंचेंगे जहां सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती. चीन 24 अगस्त 2026 को अपना नया चंद्र मिशन Chang'e-7 लॉन्च करने की तैयारी में है. यह मिशन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर जाएगा. यहां वैज्ञानिक पानी की बर्फ और

5 days ago

उत्तराखंड में बारिश के बीच पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने से बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे-07 बंद हो गया है. भल्लेगांव के पास सड़क पर मलबा आने से यातायात थम गया. रास्ता साफ करने के लिए टीमें और
विज्ञान
पहाड़ से गिरे पत्थर-मलबे ने रोकी रफ्तार

उत्तराखंड में बारिश के बीच पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने से बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे-07 बंद हो गया है. भल्लेगांव के पास सड़क पर मलबा आने से यातायात थम गया. रास्ता साफ करने के लिए टीमें और मशीनें मौके पर जुटी हैं. उत्तराखंड में बद्रीनाथ-केदारनाथ नेशनल हाईवे-07 पर बुधवार को रास्ता बंद हो गया. देवप्रयाग और कीर्तिनगर के बीच भगवान के पास भल्लेगांव में

5 days ago