दिल्ली-NCR में अगले दो घंटे मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा. बारिश शुरू हो चुकी है. बादलों की वजह से अंधेरा भी है. नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली और गुरुग्राम के कुछ हिस्सों में तेज बारिश के साथ बिजली
विज्ञान

दिल्ली-NCR में अगले दो घंटे मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा. बारिश शुरू हो चुकी है. बादलों की वजह से अंधेरा भी है. नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली और गुरुग्राम के कुछ हिस्सों में तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और 25 किमी प्रति घंटे तक की हवाएं चलने का अनुमान है. दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश हो रही है. खराब मौसम की वजह से दिल्ली एयरपोर्ट से 15 उड़ानों को जयपुर डायवर्ट करना

दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोई नया H1N1 स्ट्रेन आया है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौसमी बदलाव के कारण वायरस सक्रिय हो रहा
विज्ञान

दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोई नया H1N1 स्ट्रेन आया है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौसमी बदलाव के कारण वायरस सक्रिय हो रहा है. राजधानी दिल्ली समेत अब देश क कई दूसरे इलाकों में भी स्वाइन फ्लू के केस बढ़ने लगे हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस वायरस का कोई नया स्ट्रेन आ गया है जो तेजी

Swine Flu vaccination : दिल्ली समेत कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं, कई मरीजों में तेज बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि क्या
विज्ञान

Swine Flu vaccination : दिल्ली समेत कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं, कई मरीजों में तेज बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि क्या स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए कोई वैक्सीन है. अगर है तो ये कब लगती है और कौन- कौन इसको लगवा सकता है.Swine Flu vaccination : दिल्ली समेत कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं,

चांद को अब तक शांत और ठंडी दुनिया माना जाता रहा है, लेकिन नई खोज उसके पुराने इतिहास की अलग तस्वीर दिखाती है. वैज्ञानिकों ने चांद की सतह पर दो विशाल ज्वालामुखीय ढांचे खोजे हैं, जो अरबों
विज्ञान

चांद को अब तक शांत और ठंडी दुनिया माना जाता रहा है, लेकिन नई खोज उसके पुराने इतिहास की अलग तस्वीर दिखाती है. वैज्ञानिकों ने चांद की सतह पर दो विशाल ज्वालामुखीय ढांचे खोजे हैं, जो अरबों साल पहले की ज्वालामुखीय गतिविधि के सबूत देते हैं. चांद को देखकर लगता है कि वहां लंबे समय से सब कुछ शांत है. लेकिन वैज्ञानिकों को मिले नए सबूत बताते हैं कि अरबों साल

भारत में मॉनसून बेतरतीब और कमजोर पड़ रहा है. IMD ने अगले दो हफ्तों में सामान्य से कम बारिश की भविष्यवाणी की है. IOD न्यूट्रल है. खरीफ फसलों पर खतरा बढ़ रहा है. अगस्त 2026 के अंत में भारत का
विज्ञान

भारत में मॉनसून बेतरतीब और कमजोर पड़ रहा है. IMD ने अगले दो हफ्तों में सामान्य से कम बारिश की भविष्यवाणी की है. IOD न्यूट्रल है. खरीफ फसलों पर खतरा बढ़ रहा है. अगस्त 2026 के अंत में भारत का दक्षिण-पश्चिम मॉनसून कमजोर और बेतरतीब पैटर्न दिखा रहा है. यूरोप में असामान्य बारिश जारी रहने का अनुमान है, लेकिन भारत में बार-बार होने वाले इंट्रासीजनल ब्रेक (मॉनसून

क्या कल खत्म हो जाएगी धरती... क्या है दूसरी दुनिया से आ रहा 3I/ATLAS धूमकेतु?

Posted By: Hemant Kumar Posted On: Oct 28, 2025Share Article
क्या कल खत्म हो जाएगी धरती
ये है धूमकेतु एटलस की अगस्त

3I/ATLAS धूमकेतु क्या है... क्या इसकी पृथ्वी से टक्कर होगी, दूसरे गैलेक्सी से हमारे सौर मंडल में कैसे आया?

1 जुलाई 2025 को खोजा गया अंतरिक्ष का तीसरा भटकता धूमकेतु 3I/ATLAS सूरज के पास से निकल जाएगा. पृथ्वी से टक्कर नहीं होगी. ये अब तक खोजा गया तीसरा ऐसा आकाशीय पत्थर है जो दूसरे सौर मंडल या गैलेक्सी से आया है. इसे लेकर कई कन्फ्यूजन सोशल मीडिया पर चल रहे हैं. पढ़िए असली कहानी...

एक धूमकेतु जो अरबों साल पहले किसी दूर की तारे की दुनिया से आया हो, अब हमारे सूरज की ओर बढ़ रहा हो. यह धूमकेतु 3I/ATLAS है - सौरमंडल के बाहर से आया तीसरी वस्तु. वैज्ञानिकों ने इसमें चमकते निकल (एक धातु) के भाप पाए हैं, जो सूरज से इतनी दूर जहां तापमान बहुत ठंडा है, वहां असंभव लगता है.

यह खोज हमें दूसरे तारों की दुनिया के रहस्य बताती है. जानते हैं सबसे जरूरी सवाल - क्या यह धूमकेतु पृथ्वी से टकराएगा?

नहीं, बिल्कुल नहीं टकराएगा. यह सूरज के पास से गुजरेगा (29 अक्टूबर 2025 को सबसे नजदीक पहुंचेगा), लेकिन पृथ्वी से सुरक्षित दूरी पर रहेगा. धूमकेतु जैसे वस्तुओं का रास्ता पहले ही कैलकुलेट किया जाता है. ATLAS सिस्टम भी टकराव की चेतावनी देता है. यह सिर्फ वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ा मौका है, खतरा नहीं.

यह भी पढ़ें: दिल्ली में क्लाउड सीडिंग हो गई... बारिश में 15 मिनट से 4 घंटे क्यों लगेंगे, समझिए पूरा प्रोसेस

🚨 3I/ATLAS MYSTERY DEEPENS 👁️

BREAKING: Scientists have detected pure nickel gas — with ZERO iron — blasting from the interstellar object 3I/ATLAS.

This has NEVER been seen before in nature. Even comets and asteroids in our solar system don't do this.

NASA is silent.… pic.twitter.com/EMt7aF80D0

1 जुलाई 2025 को, चिली के 'एस्टरॉयड टेरेस्ट्रियल-इम्पैक्ट लास्ट अलर्ट सिस्टम' (ATLAS) ने आसमान की रूटीन जांच के दौरान एक चमकती चीज देखी. पहले तो लगा कोई साधारण धूमकेतु है, लेकिन जल्दी ही पता चला - यह सौरमंडल के बाहर से आया अंतरिक्ष का भटकता यात्री है.

इसे नाम दिया गया 3I/ATLAS. पहले दो ऐसे वस्तु थे: रहस्यमयी 'ओउमुआमुआ' (2017) और धूमकेतु बोरिसोव (2019). लेकिन 3I/ATLAS को बहुत जल्दी पकड़ लिया गया, जब यह सूरज से दूर था. इससे वैज्ञानिकों को इसे एक्टिव देखने का मौका मिला - जैसे कोई पुरानी किताब खुल रही हो.

अंतरिक्ष की ये वस्तुएं समय की कैप्सूल हैं. ये अरबों साल पुरानी हैं, जो दूसरे तारों (एक्सोप्लैनेट सिस्टम) से आईं हैं. हम कभी उस दुनिया में नहीं जा सकते, लेकिन ये हमें उनके केमिकल और फिजिकल राज बताती हैं. 3I/ATLAS की उम्र शायद हमारे सौरमंडल से भी ज्यादा है - अरबों साल पुरानी.

यह भी पढ़ें: पहली बार चूहे ने किया हवा में चमगादड़ का शिकार...Video देख वैज्ञानिक हैरान

हमारा अंतरराष्ट्रीय दल (चिली, बेल्जियम, ब्रिटेन, कनाडा, न्यूजीलैंड, अमेरिका और इटली के वैज्ञानिक) ने चिली के 'वेरी लार्ज टेलीस्कोप' (VLT) का इस्तेमाल किया. इसमें X-शूटर और UVES स्पेक्ट्रोग्राफ लगे हैं, जो रोशनी को तोड़कर केमिकल्स बताते हैं.

20 जुलाई का पहला बड़ा संकेत: धूमकेतु सूरज से 3.88 AU (1 AU = पृथ्वी-सूरज दूरी, लगभग 15 करोड़ किमी) दूर था. यहां तापमान बहुत ठंडा (-150°C से कम). फिर भी, स्पेक्ट्रम में निकल के परमाणु वाष्प के लाइन दिखे. निकल एक धातु है, जो इतनी ठंड में उड़नी नहीं चाहिए. यह गैस धूमकेतु के चारों ओर की पतली हवा (कोमा) में चमक रही थी.

कितना निकल? मापा गया कि धूमकेतु से निकल के परमाणु तेजी से बढ़ रहे थे. सूरज के पास आने पर ये 10-20 गुना ज्यादा हो गए. लेकिन हैरानी - लोहा (आयरन) नहीं मिला, जो निकल के साथ आमतौर पर होता है.

मध्य अगस्त में नया संकेत: 3.07 AU पर पहुंचते ही सायनोजन (CN) गैस मिली, जो सौरमंडल के धूमकेतों में सामान्य है. CN एक अणु है, जो कार्बन और नाइट्रोजन से बनता है.

आंकड़े: VLT ने स्पेक्ट्रम लाइनें 400-500 नैनोमीटर वेवलेंथ पर पकड़ीं, जो निकल के लिए सटीक हैं. कोमा का आकार 10,000-20,000 किमी व्यास का था.

यह भी पढ़ें: एयरक्राफ्ट से कैसे होती है क्लाउड सीडिंग... पढ़ लीजिए हर सवाल का जवाब

The interstellar object 3I/ATLAS will NOT collide with (or visit) Earth.

On December 19, it will only reach its closest approach, at about 268 million km.

In this clip, you can see its actual orbit crossing the Solar System.

[🎞️ OvniChile1]pic.twitter.com/NP7ahR3N13

यह खोज हैरान करने वाली है. धातुएं गैस बनने के लिए 1000°C से ज्यादा तापमान चाहती हैं. लेकिन 3I/ATLAS पर 3.88 AU पर तापमान सिर्फ -100°C था. वैज्ञानिकों का अनुमान...

विशेष अणु: निकल शायद कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) या ऑर्गेनिक कंपाउंड्स से बंधा है. सूरज की रोशनी (UV रेज) से ये अणु टूट जाते हैं. निकल मुक्त हो जाता है. यह प्रक्रिया कम तापमान पर काम करती है.

फर्क क्यों? सूरज की धातु वाले धूमकेतों में निकल-लोहा साथ आते हैं, लेकिन यहां लोहा नहीं. शायद अंतरिक्ष यात्रा में रासायनिक बदलाव हो गया.

वैज्ञानिक तथ्य: निकल के परमाणु 10^12 से 10^14 प्रति सेकंड रिलीज हो रहे थे. यह फोटोडिसोसिएशन (रोशनी से टूटना) से जुड़ा है.

यह भी पढ़ें: किलाउआ ज्वालामुखी फटा... शैतान की सींग की तरह निकली 1500 फीट ऊंची लावे की दो धार

JWST ने कोमा (धूमकेतु के गैस बादल) को देखा. आश्चर्य - पानी से ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड (CO2, सोडा का गैस) मिला. सूरज के धूमकेतों में उल्टा होता है - पानी ज्यादा होता है. साथ में पानी की बर्फ के कण और CO गैस भी.

स्पष्ट जवाब: 3I/ATLAS पृथ्वी से नहीं टकराएगा. इसका पथ पहले ही कैलकुलेट हो चुका है. 29 अक्टूबर को पेरिहेलियन (सूरज के सबसे नजदीक) पर यह 1.5-2 AU दूर रहेगा - पृथ्वी से 2-3 गुना ज्यादा दूरी. ATLAS और NASA जैसे सिस्टम टकराव वाली वस्तुओं को पहले पकड़ लेते हैं. यह धूमकेतु सिर्फ गुजरेगा, 2026 तक सौरमंडल छोड़ देगा.

Source: AajTak
Related Posts: Interstellar Comet, 3I/ATLAS, Nickel Vapor, VLT Telescope, Spectrograph Detection, Chemical Awakening, Oumuamua Comparison, Borisov Comet, Carbon Dioxide Coma

Comment on Post

Leave a comment

If you have a News Orbit 360 user account, your address will be used to display your profile picture.


हिंदुकुश हिमालय में होने वाला पर्यावरणीय परिवर्तन किसी एक देश की समस्या नहीं है. यह पूरे दक्षिण एशिया की जल, खाद्य और पारिस्थितिक सुरक्षा का प्रश्न है. अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक आकलन
विज्ञान
पिघलती बर्फ और भविष्य की चुनौती

हिंदुकुश हिमालय में होने वाला पर्यावरणीय परिवर्तन किसी एक देश की समस्या नहीं है. यह पूरे दक्षिण एशिया की जल, खाद्य और पारिस्थितिक सुरक्षा का प्रश्न है. अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक आकलन संकेत देते हैं कि एशिया में तापमान बढ़ने के साथ हिमनदों के पिघलने, बाढ़ और सूखे का जोखिम बढ़ रहा है.हिंदुकुश हिमालय में होने वाला पर्यावरणीय परिवर्तन किसी एक देश

2 days ago

प्रशांत महासागर में बन रहा अल-नीनो इस बार बेहद ताकतवर हो सकता है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इसका असर दुनिया के तापमान, बारिश और मौसम पर पड़ेगा और 2026-27 में गर्मी के नए रिकॉर्ड बन सकते
विज्ञान
अल-नीनो का 'सुपर' अवतार

प्रशांत महासागर में बन रहा अल-नीनो इस बार बेहद ताकतवर हो सकता है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इसका असर दुनिया के तापमान, बारिश और मौसम पर पड़ेगा और 2026-27 में गर्मी के नए रिकॉर्ड बन सकते हैं. साल 2026 में दुनिया को एक और बड़ी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रशांत महासागर में बन रहा अल-नीनो इस बार बहुत मजबूत हो सकता है, इतना

2 days ago

1992 में स्विस आल्प्स में लापता हुए दो पर्वतारोहियों का 34 साल बाद पता चला. ग्लेशियर पिघलने पर दोनों के शव मिले और DNA जांच से पहचान हुई. बर्फ में इतने सालों से दबे इस मामले ने सबको चौंका दिया.
विज्ञान
34 साल पहले गायब हुए थे दो पर्वतारोही

1992 में स्विस आल्प्स में लापता हुए दो पर्वतारोहियों का 34 साल बाद पता चला. ग्लेशियर पिघलने पर दोनों के शव मिले और DNA जांच से पहचान हुई. बर्फ में इतने सालों से दबे इस मामले ने सबको चौंका दिया. स्विट्जरलैंड के आल्प्स में 1992 में लापता हुए दो बेल्जियन पर्वतारोहियों के शव 34 साल बाद मिले हैं. 26 जुलाई को एक हाइकर को ट्रिफ्ट ग्लैशियर पर दो शव दिखाई दिए. इसके बाद

3 days ago

ISRO अब रॉकेट बनाने के काम से धीरे-धीरे पीछे हटेगा. PSLV और LVM3 जैसे बड़े रॉकेटों की जिम्मेदारी भी निजी कंपनियों को मिल सकती है. जानिए क्यों इसरो अपनी भूमिका बदलकर रिसर्च और नई स्पेस
विज्ञान
अब इसरो नहीं बनाएगा रॉकेट

ISRO अब रॉकेट बनाने के काम से धीरे-धीरे पीछे हटेगा. PSLV और LVM3 जैसे बड़े रॉकेटों की जिम्मेदारी भी निजी कंपनियों को मिल सकती है. जानिए क्यों इसरो अपनी भूमिका बदलकर रिसर्च और नई स्पेस टेक्नोलॉजी पर फोकस कर रहा है. भारत के स्पेस सेक्टर में बड़ा बदलाव होने वाला है. इसरो अब खुद रॉकेट बनाने का काम धीरे-धीरे बंद करेगा. आगे रॉकेट बनाने की जिम्मेदारी निजी

3 days ago

दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में क्यों आ रहे हैं इतने बड़े भूकंप
विज्ञान
दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में क्यों आ रहे हैं इतने बड़े भूकंप

एक के बाद एक बड़े भूकंपों ने फिर दुनिया का ध्यान खींचा. आखिर क्यों पैसिफिक रिंग ऑफ फायर में धरती बार-बार कांपती है. क्या इन भूकंपों के बीच सच में कोई कनेक्शन है. पेरू में गुरुवार को 6.7 तीव्रता का भूकंप आया. यूएसजीएस के मुताबिक इसका केंद्र जमीन से करीब 66 KM नीचे था. यह भूकंप ऐसे समय आया है जब हाल के दिनों में इंडोनेशिया और कोलंबिया समेत कई जगहों पर 7 से

3 days ago

दिल्ली में इस साल स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हुई है, जिसमें पिछले 14 दिनों में 433 नए केस दर्ज हुए हैं. दिल्ली सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने निगरानी व्यवस्था
विज्ञान
स्वाइन फ्लू के केस क्यों बढ़ रहे

दिल्ली में इस साल स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हुई है, जिसमें पिछले 14 दिनों में 433 नए केस दर्ज हुए हैं. दिल्ली सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. दिल्ली इन दिनों स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लूएंजा A(H1N1) के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. राजधानी

3 days ago

भारत में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे 13.5 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हैं, वजन घटाने के लिए दवाओं और बैरिएट्रिक सर्जरी दोनों विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन सही इलाज क्या है इस बारे
विज्ञान
कितने वजन पर सर्जरी की जरूरत

भारत में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे 13.5 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हैं, वजन घटाने के लिए दवाओं और बैरिएट्रिक सर्जरी दोनों विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन सही इलाज क्या है इस बारे में दिल्ली AIIMS के सर्जरी विभाग में मेटाबॉलिक, बैरिएट्रिक और किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. मंजूनाथ मारूति पोल ने बताया है.भारत में मोटापे की

3 days ago

विशाखापट्टनम में 6 साल के बच्चे की टीचर की डांट और थप्पड़ के बाद कथित तौर पर हार्ट अटैक से मौत हो गई, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक कैसे हो सकता है. विशेषज्ञों ने इस
विज्ञान
टीचर की डांट से बच्चे की मौत

विशाखापट्टनम में 6 साल के बच्चे की टीचर की डांट और थप्पड़ के बाद कथित तौर पर हार्ट अटैक से मौत हो गई, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक कैसे हो सकता है. विशेषज्ञों ने इस बारे में बताया है. विशाखापट्टनम में एलकेजी में पढ़ने वाले एक 6 साल के बच्चे की कथित तौर पर टीचर की डांट और थप्पड़ के बाद मौत हो गई. इस घटना का सीसीटीवी वीडियो भी

3 days ago

ग्लेशियर पिघलने से लद्दाख के किसानों की लगी लॉटरी
विज्ञान
ग्लेशियर पिघलने से लद्दाख के किसानों की लगी लॉटरी

पहाड़ों से पिघलकर अब तक बह जाने वाला पानी लद्दाख के खेतों तक पहुंचेगा. ग्लेशियर से रोज 9 करोड़ लीटर पानी नहर में लाया जा रहा है. इससे पानी की कमी से जूझ रहे 12 गांवों में 1000 एकड़ से ज्यादा जमीन की सिंचाई आसान होगी. लद्दाख में ग्लेशियर से पिघलकर बहने वाला करीब 9 करोड़ लीटर पानी अब खेतों तक पहुंचेगा. लेह के स्टोक गांव के नाले से आने वाले इस पानी को 43

3 days ago

अगले चार हफ्तों में बारिश का पैटर्न बदल सकता है. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश जारी रहने के बाद 5-10 सितंबर से देश के बड़े हिस्से में मॉनसून की गतिविधि कम होने के संकेत मिल रहे हैं.
विज्ञान
सितंबर में बारिश का ब्रेक

अगले चार हफ्तों में बारिश का पैटर्न बदल सकता है. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश जारी रहने के बाद 5-10 सितंबर से देश के बड़े हिस्से में मॉनसून की गतिविधि कम होने के संकेत मिल रहे हैं. मौसम के अगले चार हफ्तों को लेकर एक अहम अनुमान सामने आया है. मौसम मॉडल के मुताबिक, अगले दो हफ्तों तक पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश जारी रह सकती है. लेकिन 5 से 10

3 days ago

ISRO लॉन्च व्हीकल और सामान्य सैटेलाइट के निर्माण का काम धीरे-धीरे निजी क्षेत्र को सौंपेगा. वहीं, ISRO रिसर्च, नई तकनीक और वैज्ञानिक मिशनों पर ज्यादा ध्यान देगा. यह बदलाव भारत की अंतरिक्ष
विज्ञान
ISRO अब नहीं बनाएगा लॉन्च व्हीकल

ISRO लॉन्च व्हीकल और सामान्य सैटेलाइट के निर्माण का काम धीरे-धीरे निजी क्षेत्र को सौंपेगा. वहीं, ISRO रिसर्च, नई तकनीक और वैज्ञानिक मिशनों पर ज्यादा ध्यान देगा. यह बदलाव भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को 2033 तक 44 अरब डॉलर तक पहुंचाने की योजना का हिस्सा है.ISRO लॉन्च व्हीकल और सामान्य सैटेलाइट के निर्माण का काम धीरे-धीरे निजी क्षेत्र को सौंपेगा. वहीं, ISRO

3 days ago

जहां पानी रोजमर्रा की जरूरत है, वहीं अब इसकी सप्लाई टैंकरों के भरोसे है. श्रीलंका में सूखे ने ऐसा संकट खड़ा किया है कि हजारों लोगों के लिए पानी की हर बूंद जरूरी हो गई है. श्रीलंका में
विज्ञान
पानी के लिए 3 दिन इंतजार

जहां पानी रोजमर्रा की जरूरत है, वहीं अब इसकी सप्लाई टैंकरों के भरोसे है. श्रीलंका में सूखे ने ऐसा संकट खड़ा किया है कि हजारों लोगों के लिए पानी की हर बूंद जरूरी हो गई है. श्रीलंका में सूखे के कारण पानी की कमी बढ़ गई है. देश के सात जिलों में करीब 72 हजार लोगों तक सरकार टैंकरों से पानी पहुंचा रही है. इस स्थिति की एक बड़ी वजह इस साल का अल-नीनो बताया जा रहा

3 days ago

नासा के स्विफ्ट टेलीस्कोप का रेस्क्यू मिशन फेल
विज्ञान
नासा के स्विफ्ट टेलीस्कोप का रेस्क्यू मिशन फेल

नासा के 22 साल पुराने स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप को बचाने की कोशिश को बड़ा झटका लगा है. इसे ऊंची ऑर्बिट में ले जाने के लिए स्पेस में गया- LINK स्पेसक्राफ्ट तकनीकी खराबी से बेकाबू हो गया. अब स्विफ्ट के धरती पर गिरने का खतरा बढ़ गया है. नासा के करीब 22 साल पुराने स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप को बचाने की कोशिश नाकाम हो गई है. स्विफ्ट को ऊंची ऑर्बिट में ले जाने के

5 days ago

कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में निधन हो गया, 84 वर्षीय सज्जन कुमार को ऑल्टर्ड सेंसोरियम की समस्या के साथ भर्ती कराया गया था. कांग्रेस के पूर्व
विज्ञान
सज्जन कुमार का निधन किस वजह से हुआ

कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में निधन हो गया, 84 वर्षीय सज्जन कुमार को ऑल्टर्ड सेंसोरियम की समस्या के साथ भर्ती कराया गया था. कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का निधन हो गया है .उन्हें गुरुवार सुबह करीब 11 बजे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनका निधन कैसे हुआ इसके बारे में सफजरजंग अस्पताल

5 days ago

जिस खदान से रोजी-रोटी की उम्मीद थी, वही मौत की वजह बन गई. सेंट्रल अफ्रीकी रिपब्लिक में खदान ढहने से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अब भी मलबे में फंसे हैं. सेंट्रल अफ्रीकी
विज्ञान
सोने की खदान बनी मौत का कुआं

जिस खदान से रोजी-रोटी की उम्मीद थी, वही मौत की वजह बन गई. सेंट्रल अफ्रीकी रिपब्लिक में खदान ढहने से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अब भी मलबे में फंसे हैं. सेंट्रल अफ्रीकी रिपब्लिक के पश्चिमी हिस्से में मंगलवार सुबह एक सोने की खदान अचानक ढह गई. इस हादसे में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. हादसा अब्बा इलाके में एक छोटी सोने की खदान में हुआ.

5 days ago

डैंड्रफ को हल्की समस्या समझकर नजरअंदाज करना गलत है, शैंपू को बालों पर लगाने के बजाय स्कैल्प पर अच्छी तरह लगाना और जरूरी है. लेकिन कुछ लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर से इलाज कराना जरूरी है.
विज्ञान
डैंड्रफ खत्म करने के लिए कैसे शैंपू यूज करें

डैंड्रफ को हल्की समस्या समझकर नजरअंदाज करना गलत है, शैंपू को बालों पर लगाने के बजाय स्कैल्प पर अच्छी तरह लगाना और जरूरी है. लेकिन कुछ लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर से इलाज कराना जरूरी है. डैंड्रफ बालों में होने वाली एक आम समस्या है. इससे बचाव के लिए लोग कई तरह के शैंपू यूज करते हैं. लेकिन क्या केवल शैंपू से डैंड्रफ की समस्या खत्म हो सकती है. इस मामले

5 days ago

बारिश के मौसम में देशभर में जहरीले सांप के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे कई मौतें हो चुकी हैं. अधिकतर मामलों में मौत जहरीले सांप के काटने से होती है, जिसके बाद शरीर में कुछ लक्षण
विज्ञान
सांप के काटने पर जरूर दिखते हैं ये 8 लक्षण

बारिश के मौसम में देशभर में जहरीले सांप के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे कई मौतें हो चुकी हैं. अधिकतर मामलों में मौत जहरीले सांप के काटने से होती है, जिसके बाद शरीर में कुछ लक्षण जरूर दिखते हैं. इनकी समय पर पहचान और इलाज से मरीज की जान बचाई जा सकती है.बारिश के मौसम में देशभर में जहरीले सांप के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे कई मौतें हो चुकी

5 days ago

मॉर्डना और मर्क कंपनी ने एक पर्सनलाइज्ड mRNA कैंसर वैक्सीन थेरेपी विकसित की है, जो स्किन कैंसर के मरीजों के लिए फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में सफल साबित हुई है. यह थेरेपी मरीज के कैंसर
विज्ञान
कैंसर थेरेपी और वैक्सीन में क्या है अंतर

मॉर्डना और मर्क कंपनी ने एक पर्सनलाइज्ड mRNA कैंसर वैक्सीन थेरेपी विकसित की है, जो स्किन कैंसर के मरीजों के लिए फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में सफल साबित हुई है. यह थेरेपी मरीज के कैंसर म्यूटेशन के आधार पर तैयार की गई है. मॉर्डना और मर्क कंपनी ने दो कॉम्बिनेशन मिलाकर एक कैंसर वैक्सीन थेरेपी बनाई है. इसको फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में बड़ी सफलता मिली है. यह

5 days ago

तीन ज्वालामुखी, कुछ घंटे और अलग-अलग इलाके… पहली नजर में यह किसी बड़ी जियोलॉजिकल हलचल का संकेत लग सकता है. समझिए इन विस्फोटों के पीछे की वजह क्या है, कहीं भूकंप तो नहीं. इंडोनेशिया में
विज्ञान
इंडोनेशिया में 3 ज्वालामुखी फटे

तीन ज्वालामुखी, कुछ घंटे और अलग-अलग इलाके… पहली नजर में यह किसी बड़ी जियोलॉजिकल हलचल का संकेत लग सकता है. समझिए इन विस्फोटों के पीछे की वजह क्या है, कहीं भूकंप तो नहीं. इंडोनेशिया में मंगलवार रात कुछ ही घंटों के अंदर तीन एक्टिव ज्वालामुखियों में विस्फोट हुआ. पूर्वी जावा में माउंट सेमेरू, ईस्ट नुसा तेंगारा में माउंट लेवोटोबी लाकी-लाकी और नॉर्थ

5 days ago

सांप के जहर से यूं निकला था हाई बीपी की दवा का फार्मूला
विज्ञान
सांप के जहर से यूं निकला था हाई बीपी की दवा का फार्मूला

ब्राजील के जहरीले सांप Bothrops jararaca के जहर पर हुई रिसर्च की मदद से एक दवा बनाने की राह बनी. वैज्ञानिकों ने सांप के जहर में मौजूद ब्रैडीकिनिन-पोटेंशियेटिंग पेप्टाइड्स के बारे मे रिसर्च की और उससे प्रेरणा लेकर Captopril दवा विकसित हुई. बारिश के इस मौसम में देशभर के कई जिलों से सांप काटने की घटनाएं सामने आ रही हैं. इनमें कुछ लोगों की मौत भी हो गई है. सांप के जहर

5 days ago

मॉडर्ना और मर्क की MRNA थेरेपी ने मेलानोमा स्किन कैंसर के इलाज में नई उम्मीद जगाई है. फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में यह थेरेपी कैंसर के दोबारा लौटने के जोखिम को काफी हद तक कम करने में सफल रही है.
विज्ञान
दोबारा कैंसर फैलने से रोका जा सकेगा

मॉडर्ना और मर्क की MRNA थेरेपी ने मेलानोमा स्किन कैंसर के इलाज में नई उम्मीद जगाई है. फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में यह थेरेपी कैंसर के दोबारा लौटने के जोखिम को काफी हद तक कम करने में सफल रही है. कैंसर की सर्जरी सफल हो जाने के बाद भी मरीज और डॉक्टरों के सामने एक बड़ा डर बना रहता है. कहीं बीमारी दोबारा वापस न आ जाए. खासकर स्किन कैंसर जिसे मेलानोमा कहते हैं

5 days ago

टिहरी NH-707A डिमटा बैंड पर सड़क वॉशआउट से मसूरी-कैंपटी मार्ग बाधित हुआ है. यातायात ठप है. यात्रियों को परेशानी हो रही है. प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग अपनाने और धैर्य रखने की अपील की है.
विज्ञान
मसूरी-कैंपटी रूट पर भारी बारिश का कहर

टिहरी NH-707A डिमटा बैंड पर सड़क वॉशआउट से मसूरी-कैंपटी मार्ग बाधित हुआ है. यातायात ठप है. यात्रियों को परेशानी हो रही है. प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग अपनाने और धैर्य रखने की अपील की है. उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-707A पर भारी बारिश के कारण डिमटा बैंड के पास सड़क वॉशआउट हो गई है. मसूरी-कैंपटी-यमुना ब्रिज मार्ग का बड़ा हिस्सा

5 days ago

बारिश के मौसम में बच्चों में उल्टी और दस्त के मामले बढ़ रहे हैं, जो दूषित पानी और बैक्टीरिया के कारण होते हैं. डॉ. हिमांशु भदानी के अनुसार, रोटावायरस, ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे
विज्ञान
बच्चे को उल्टी-दस्त हो रहे हैं

बारिश के मौसम में बच्चों में उल्टी और दस्त के मामले बढ़ रहे हैं, जो दूषित पानी और बैक्टीरिया के कारण होते हैं. डॉ. हिमांशु भदानी के अनुसार, रोटावायरस, ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया इस समस्या के मुख्य कारण हैं. बारिश के इस मौसम में बच्चों में उल्टी, दस्त के मामले बढ़ने लगते हैं. कई तरह के बैक्टीरिया के एक्टिव होने के कारण ऐसा होता है. उल्टी-

5 days ago

श्रीलंका के एक अस्पताल में स्ट्रोक के इलाज के दौरान एक मरीज के यूरिनरी ब्लैडर में 3.1 किलो की पथरी मिली, जो सबसे बड़ी ब्लैडर पथरी हो सकती है. मरीज को पेशाब करते समय दर्द की समस्या थी, जिसे
विज्ञान
दिमाग का होना था इलाज

श्रीलंका के एक अस्पताल में स्ट्रोक के इलाज के दौरान एक मरीज के यूरिनरी ब्लैडर में 3.1 किलो की पथरी मिली, जो सबसे बड़ी ब्लैडर पथरी हो सकती है. मरीज को पेशाब करते समय दर्द की समस्या थी, जिसे नजरअंदाज किया गया था. श्रीलंका के एक अस्पताल में ऐसा मामला सामने आया है, जिसने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया. 55 साल का एक मरीज स्ट्रोक ( ब्रेन अटैक) आने के बाद इलाज के

5 days ago

फ्लोरेस में 15 अगस्त के 7.7 भूकंप के बाद 20 अगस्त को 5.9 तीव्रता का नया झटका आया. 70 से अधिक मौतें हुई हैं. लगातार आफ्टरशॉक से डर बढ़ रहा है. राहत कार्य जारी है. इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा
विज्ञान
कांपा इंडोनेशिया

फ्लोरेस में 15 अगस्त के 7.7 भूकंप के बाद 20 अगस्त को 5.9 तीव्रता का नया झटका आया. 70 से अधिक मौतें हुई हैं. लगातार आफ्टरशॉक से डर बढ़ रहा है. राहत कार्य जारी है. इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में स्थित फ्लोरेस द्वीप पर भूकंप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. 15 अगस्त 2026 को सुबह 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था. अब 20 अगस्त गुरुवार को

5 days ago

चीन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ खोजने के लिए अपना बड़ा मिशन भेज रहा है. Chang'e-7 मिशन में रोवर, लैंडर और खास हॉपिंग प्रोब होंगे, जो चांद के उन अंधेरे गड्ढों तक पहुंचेंगे जहां सूरज की
विज्ञान
चांद के अंधेरे राज खोलेगा चीन

चीन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ खोजने के लिए अपना बड़ा मिशन भेज रहा है. Chang'e-7 मिशन में रोवर, लैंडर और खास हॉपिंग प्रोब होंगे, जो चांद के उन अंधेरे गड्ढों तक पहुंचेंगे जहां सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती. चीन 24 अगस्त 2026 को अपना नया चंद्र मिशन Chang'e-7 लॉन्च करने की तैयारी में है. यह मिशन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर जाएगा. यहां वैज्ञानिक पानी की बर्फ और

5 days ago

उत्तराखंड में बारिश के बीच पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने से बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे-07 बंद हो गया है. भल्लेगांव के पास सड़क पर मलबा आने से यातायात थम गया. रास्ता साफ करने के लिए टीमें और
विज्ञान
पहाड़ से गिरे पत्थर-मलबे ने रोकी रफ्तार

उत्तराखंड में बारिश के बीच पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने से बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे-07 बंद हो गया है. भल्लेगांव के पास सड़क पर मलबा आने से यातायात थम गया. रास्ता साफ करने के लिए टीमें और मशीनें मौके पर जुटी हैं. उत्तराखंड में बद्रीनाथ-केदारनाथ नेशनल हाईवे-07 पर बुधवार को रास्ता बंद हो गया. देवप्रयाग और कीर्तिनगर के बीच भगवान के पास भल्लेगांव में

5 days ago