बदलते मौसम में फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए रोजाना करें ये काम, नोट कर लीजिए बाबा रामदेव के बेहतरीन टिप्स

अगर आप भी सोचते हैं कि सेहत के लिए महंगी दवाएं और ट्रीटमेंट जरूरी हैं तो ज़रा रुकिए सेहत का असली राज आपके किचन में ही छिपा है, फल और सब्जियों में।लंदन यूनिवर्सिटी की एक ताजा स्टडी ने ये साफ कर दिया है कि जो लोग हर दिन फल खाते हैं, उनके फेफड़ों पर एयर पॉल्यूशन का असर बहुत कम होता है। रिसर्चर्स ने 5 लाख से ज्यादा लोगों के डेटा का विश्लेषण किया और इस स्टडी में पाया गया कि जो लोग ज्यादा फल-सब्जियां खाते हैं, उनकी लंग्स की क्षमता उन लोगों से कहीं बेहतर है जो फल-सब्जी कम खाते हैं।
प्रदूषण से भरे माहौल में जहां सांस लेना भी चुनौती बन गया है, वहीं जो लोग दिन में चार या उससे अधिक बार फल खाते हैं, उनके फेफड़े काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं। दरअसल, फलों में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को प्रदूषण से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। फल सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद करते हैं। इसलिए, बाबा रामदेव कहते हैं कि अगर आप अपनी डाइट में रोजाना फल और सब्जियां शामिल करेंगे, तो आने वाले समय में आपको दवाओं की जरूरत कम पड़ सकती है। और अगर आप इसके साथ योग और थोड़ी एक्सरसाइज भी जोड़ लें, तो समझ लीजिए आप 100 साल तक भी स्वस्थ और एक्टिव रह सकते हैं
बदलते मौसम में अपने आप को फिट और लंग्स को हेल्दी रखने के लिए कुछ सावधानी बरतनी चाहिए। रोजाना हल्का गर्म पानी पिएं। अपने खानपान पर ध्यान दें और अपनी डाइट में मौसमी सब्जी को भी शामिल करें।
बदलते मौसम में इम्यूनिटी भी कमजोर होने लगती है इसलिए उसे मजबूत बनाने के लिए अपनी डाइट में एलोवेरा जूस, गिलोय जूस और शहद-नींबू पानी को भी शामिल करें। इसके अलावा आप गिलोय-तुलसी काढ़ा , हल्दी वाला दूध , मौसमी फल और बादाम-अखरोट भी अपनी डाइट में आज़माएं। इससे आपकी इम्यूनिटी हाई होगी।
अस्थमा पेशेंट्स को सांस लेने में काफी दिक्कत होती है। ऐसे में उन्हें अपनी पानी में नमक मिलकार उसका इस्तेनाल करना चाहिए। गुनगुने पानी से गरारे करें और साथ ही जरूरत पड़ने पर स्टीम लें।
गले की खराश का फेफड़ों पर बुरा प्रभाव पड़ता है, खासकर अगर यह किसी संक्रमण का लक्षण हो जो फेफड़ों तक फैल सकता है। इससे सांस लेने में दिक्कत हो सकती है, और यह मौजूदा फेफड़ों की बीमारियों को भी बदतर बना सकता है। ऐसे में इस परेशानी को दूर करने के लिए नमक पानी से गरारा करें। बादाम तेल से नस्यम करें और मुलैठी को भी चूसें।
बदलते मौसम में सिरदर्द और कफ की समस्या बढ़ जाती है।उसे कम करने के लिए 100 ग्राम पानी में 1 चम्मच रीठा, एक चुटकी सोंठ और काली मिर्च पाउडर डालें। अब इसे छानकर 2-3 बूंद नाक में डालें। इससे सिरदर्द और कफ की परेशानी होगी दूर।
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Source: IndiaTV
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