दिल्ली-NCR में अगले दो घंटे मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा. बारिश शुरू हो चुकी है. बादलों की वजह से अंधेरा भी है. नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली और गुरुग्राम के कुछ हिस्सों में तेज बारिश के साथ बिजली
विज्ञान

दिल्ली-NCR में अगले दो घंटे मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा. बारिश शुरू हो चुकी है. बादलों की वजह से अंधेरा भी है. नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली और गुरुग्राम के कुछ हिस्सों में तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और 25 किमी प्रति घंटे तक की हवाएं चलने का अनुमान है. दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश हो रही है. खराब मौसम की वजह से दिल्ली एयरपोर्ट से 15 उड़ानों को जयपुर डायवर्ट करना

दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोई नया H1N1 स्ट्रेन आया है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौसमी बदलाव के कारण वायरस सक्रिय हो रहा
विज्ञान

दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोई नया H1N1 स्ट्रेन आया है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौसमी बदलाव के कारण वायरस सक्रिय हो रहा है. राजधानी दिल्ली समेत अब देश क कई दूसरे इलाकों में भी स्वाइन फ्लू के केस बढ़ने लगे हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस वायरस का कोई नया स्ट्रेन आ गया है जो तेजी

Swine Flu vaccination : दिल्ली समेत कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं, कई मरीजों में तेज बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि क्या
विज्ञान

Swine Flu vaccination : दिल्ली समेत कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं, कई मरीजों में तेज बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि क्या स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए कोई वैक्सीन है. अगर है तो ये कब लगती है और कौन- कौन इसको लगवा सकता है.Swine Flu vaccination : दिल्ली समेत कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं,

चांद को अब तक शांत और ठंडी दुनिया माना जाता रहा है, लेकिन नई खोज उसके पुराने इतिहास की अलग तस्वीर दिखाती है. वैज्ञानिकों ने चांद की सतह पर दो विशाल ज्वालामुखीय ढांचे खोजे हैं, जो अरबों
विज्ञान

चांद को अब तक शांत और ठंडी दुनिया माना जाता रहा है, लेकिन नई खोज उसके पुराने इतिहास की अलग तस्वीर दिखाती है. वैज्ञानिकों ने चांद की सतह पर दो विशाल ज्वालामुखीय ढांचे खोजे हैं, जो अरबों साल पहले की ज्वालामुखीय गतिविधि के सबूत देते हैं. चांद को देखकर लगता है कि वहां लंबे समय से सब कुछ शांत है. लेकिन वैज्ञानिकों को मिले नए सबूत बताते हैं कि अरबों साल

भारत में मॉनसून बेतरतीब और कमजोर पड़ रहा है. IMD ने अगले दो हफ्तों में सामान्य से कम बारिश की भविष्यवाणी की है. IOD न्यूट्रल है. खरीफ फसलों पर खतरा बढ़ रहा है. अगस्त 2026 के अंत में भारत का
विज्ञान

भारत में मॉनसून बेतरतीब और कमजोर पड़ रहा है. IMD ने अगले दो हफ्तों में सामान्य से कम बारिश की भविष्यवाणी की है. IOD न्यूट्रल है. खरीफ फसलों पर खतरा बढ़ रहा है. अगस्त 2026 के अंत में भारत का दक्षिण-पश्चिम मॉनसून कमजोर और बेतरतीब पैटर्न दिखा रहा है. यूरोप में असामान्य बारिश जारी रहने का अनुमान है, लेकिन भारत में बार-बार होने वाले इंट्रासीजनल ब्रेक (मॉनसून

अक्टूबर से जनवरी आ गया लेकिन दिल्ली-NCR का पॉल्यूशन नहीं हुआ कंट्रोल? आखिर क्यों

Posted By: Hemant Kumar Posted On: Jan 19, 2026Share Article
अक्टूबर से जनवरी आ गया लेकिन दिल्ली-NCR का पॉल्यूशन नहीं हुआ कंट्रोल
दिल्ली के आनंद विहार इलाके में पानी स्प्रे करता ट्रक. (File Photo: PTI)

अक्टूबर से जनवरी आ गया लेकिन दिल्ली-NCR का पॉल्यूशन नहीं हुआ कंट्रोल? आखिर क्यों

अक्टूबर से जनवरी हो गई लेकिन दिल्ली-NCR गैस चेंबर ही बना हुआ है. राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी, नियमों का सही से पालन न होना, वैज्ञानिकों की सलाह न मानना ही इसकी वजह है. AQI अब भी खतरनाक स्तर पर है. सिस्टम लाचार है. GRAP का उल्लघंन आम है. विभागों में समन्वय कम है.

दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों का मौसम आते ही हवा जहरीली हो जाती है. अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 तक प्रदूषण का स्तर 'बहुत खराब' (Very Poor) से 'गंभीर' (Severe) और 'खतरनाक' (Hazardous) तक पहुंच गया. 19 जनवरी 2026 को सुबह दिल्ली के कई इलाकों में AQI 418 से 665 तक दर्ज हुआ, जैसे आनंद विहार (489) और अशोक विहार (463).

घना कोहरा, स्मॉग और कम हवा की गति से प्रदूषण वाले तत्व नीचे जम गए हैं. लाखों लोग सांस की तकलीफ, आंखों में जलन और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं. स्कूल हाइब्रिड मोड में चल रहे हैं, फ्लाइट्स लेट हो रही हैं. अस्पतालों में मरीज बढ़ गए हैं.

लेकिन सवाल यह है कि इतने सालों के बाद भी सरकार और सरकारी सिस्टम क्यों लाचार है? पर्यावरण विशेषज्ञ और CSE (सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट) की रिपोर्ट्स क्या कहती हैं? आइए विस्तार से समझते हैं.

यह भी पढ़ें: जिस नाव ने दुनिया के बहुत से जीवों को प्रलय से बचाया... वैज्ञानिकों ने उसे खोजा

2025-2026 सर्दी में प्रदूषण की स्थिति

AQI का ट्रेंड: अक्टूबर 2025 से प्रदूषण बढ़ना शुरू हुआ. नवंबर में पीक पर पहुंचा, जहां AQI 400-500 (Severe) से ऊपर रहा. दिसंबर में थोड़ा कम हुआ, लेकिन जनवरी 2026 में फिर बढ़ गया. 15-16 जनवरी को AQI 343-354 (Very Poor), 17-18 को 400-439 (Severe) और 19 जनवरी को 418-665 (Hazardous) तक. पूरे साल दिल्ली में कोई 'अच्छा' (Good) AQI वाला दिन हीं रहा.

PM2.5 और अन्य प्रदूषक: सालाना PM2.5 औसत 96 µg/m³ रहा, जो WHO के सुरक्षित स्तर (5 µg/m³) से 19 गुना ज्यादा. NO2 (नाइट्रोजन डाइऑक्साइड) और CO (कार्बन मोनोऑक्साइड) जैसे गैस भी बढ़े – CSE की रिपोर्ट के मुताबिक, NO2 ट्रैफिक पीक टाइम में ज्यादा और CO 30+ दिनों में स्टैंडर्ड से ऊपर.

मौसम की भूमिका: IMD के अनुसार, जनवरी 2026 में ठंडी लहर (Cold Wave), कम हवा की गति (

GRAP का क्रियान्वयन: GRAP (Graded Response Action Plan) स्टेज-3 और 4 लागू हुए – निर्माण बंद, BS-III/IV डीजल वाहन प्रतिबंधित, ट्रक एंट्री पर रोक, ऑफिस में 50% स्टाफ, स्कूल हाइब्रिड. लेकिन असर कम रहा क्योंकि मौसम ने साथ नहीं दिया और उल्लंघन ज्यादा हुए.

यह भी पढ़ें: भारत से ब्रह्मोस की डील, पाकिस्तान से JF-17... इंडोनेशिया का पैंतरा क्या है?

मुख्य कारण: क्यों कंट्रोल नहीं हो रहा प्रदूषण?

CSE की दिसंबर 2025 रिपोर्ट Toxic Cocktail of Pollution during Early Winter in Delhi-NCR और अन्य अध्ययनों से पता चलता है कि समस्या अब पराली जलाने से ज्यादा लोकल स्रोतों से है. 2025 में पराली जलाना 2021 से 77.5% कम हुआ. दिल्ली के PM2.5 में इसका योगदान कम हो गया (पीक पर 22% से कम, ज्यादातर

वाहन उत्सर्जन (Vehicular Emissions): CSE रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के PM2.5 का 51% वाहनों से आता है. दिल्ली में 1 करोड़+ वाहन हैं, जो सालाना बढ़ रहे हैं. पुराने BS-III/IV डीजल वाहन अभी चल रहे. ट्रैफिक से NO2 और CO जैसे जहरीले गैस बढ़ते हैं – CSE का कहना है कि ट्रैफिक जाम और पीक ऑवर्स में NO2 ज्यादा रहता है. ORF (Observer Research Foundation) रिपोर्ट में भी वाहन मुख्य कारण बताए गए.

घरेलू और बायोमास जलाना (Residential and Biomass Burning): 13% PM2.5 घरेलू स्रोतों से, जैसे कचरा जलाना, रोडसाइड आग तापना इनसे बढ़ता है. सर्दियों में लोग गर्मी के लिए कचरा या लकड़ी जलाते हैं, जो स्मॉग बढ़ाता है. CSE की रिपोर्ट कहती है कि स्टबल बर्निंग कम होने के बाद भी स्मॉग बढ़ रहा है, क्योंकि बायोमास बर्निंग मुख्य ड्राइवर है.

उद्योग और निर्माण (Industries and Construction): उद्योगों से 11%, निर्माण से 7% PM2.5 मिलता है. उसके बाद रोड डस्ट 4%, एनर्जी सेक्टर 5%, कचरा जलाना 5% से मिलता है. NCR के जिलों से 32.8% प्रदूषण आता है, अन्य जिलों से 25.8%. निर्माण से धूल और इंडस्ट्री उत्सर्जन साल भर चलते हैं.

क्षेत्रीय और मौसमी कारक (Regional and Meteorological Factors): 65% PM2.5 बाहर से आता है (NCR और पड़ोसी राज्य). उत्तर-पश्चिमी हवाएं (Northwesterly Winds) पाकिस्तान-अफगानिस्तान से धूल लाती हैं. सर्दियों में कम हवा, कम तापमान और इनवर्शन से प्रदूषक जमा हो जाते हैं. CSE कहती है कि लंबे समय में PM2.5 बढ़ रहा है, NO2 और CO के साथ – जो वाहनों और जलाने से आते हैं.

अन्य कारक: 2025 में ग्रीन पटाखों से भी AQI खराब रहा. रेगिस्तानी धूल और पड़ोसी राज्यों से बायोमास बर्निंग की वजह से प्रदूषण फैलता है.

यह भी पढ़ें: दुनिया का पहला बर्फीला वॉल्ट जहां बचाकर रखी जा रही है धरती की क्लाइमेट हिस्ट्री

सिस्टम क्यों लाचार है? विशेषज्ञों की राय

पर्यावरण विशेषज्ञ और रिपोर्ट्स बताते हैं कि समस्या जानी-पहचानी है, लेकिन कार्रवाई कमजोर...

CSE की रिपोर्ट्स (2025-2026): अनुमिता रॉयचौधरी कहती हैं कि पराली अब कम है, लेकिन लोकल स्रोत मजबूत हो गए. नीतियां हैं, लेकिन लागू नहीं हो रही – GRAP उल्लंघन NCR में आम है. रिपोर्ट कहती है कि दिल्ली का प्रदूषण 'बहुत खराब' से 'गंभीर' रहता है, भले पराली कम हो।. NO2 और CO जैसे 'टॉक्सिक कॉकटेल' पर ध्यान कम है. 2024 में PM2.5 3.4% बढ़ा. NCR के छोटे शहरों (जैसे बहादुरगढ़) में स्मॉग ज्यादा, क्योंकि 65% प्रदूषण बाहर से.

अन्य विशेषज्ञ: ORF रिपोर्ट में कहा गया कि स्टबल बर्निंग अब मुख्य नहीं, लोकल उत्सर्जन जैसे वाहन, कचरा जलाना, निर्माण मुख्य हैं. प्रदूषण साल भर की समस्या है, सर्दी में ज्यादा नजर आती है. सतही उपाय (जैसे पानी छिड़कना) काम नहीं करते. NCAP (National Clean Air Programme) का 2026 तक 40% कमी का लक्ष्य मुश्किल, क्योंकि फंड्स का 64% धूल पर, सिर्फ 12% वाहनों पर और

स्वास्थ्य विशेषज्ञ: डॉ. देबाशीष चौधरी कहते हैं कि प्रदूषण से माइग्रेन जैसी न्यूरोलॉजिकल समस्याएं बढ़ रही हैं – दिल्ली-NCR में माइग्रेन दर 25.2% (ग्लोबल 14.7%). लंबे समय का एक्सपोजर माइग्रेन थ्रेशोल्ड कम करता है. नए केस बढ़ते हैं. WHO मानकों से 20 गुना ज्यादा PM2.5 से दिल, फेफड़े, स्ट्रोक का खतरा. यह पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी है.

सिस्टम की कमियां

समाधान: क्या किया जा सकता है?

विशेषज्ञ तत्काल और लंबे समय के उपाय सुझाते हैं...

दिल्लीवासी हर साल इस गैस चैंबर में फंसते हैं. CSE और विशेषज्ञ चेताते हैं – अगर अब समन्वित, सख्त और स्थायी कदम नहीं उठाए, तो स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और जीवन सब खतरे में पड़ जाएगा. 2026 में बदलाव की उम्मीद है, लेकिन कार्रवाई जरूरी.

Source: AajTak
Related Posts: Delhi NCR pollution 2026, NCR pollution, Delhi air pollution update, Delhi NCR air quality, Delhi pollution report, Why Delhi pollution not controlled, CSE Delhi NCR report

Comment on Post

Leave a comment

If you have a News Orbit 360 user account, your address will be used to display your profile picture.


हिंदुकुश हिमालय में होने वाला पर्यावरणीय परिवर्तन किसी एक देश की समस्या नहीं है. यह पूरे दक्षिण एशिया की जल, खाद्य और पारिस्थितिक सुरक्षा का प्रश्न है. अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक आकलन
विज्ञान
पिघलती बर्फ और भविष्य की चुनौती

हिंदुकुश हिमालय में होने वाला पर्यावरणीय परिवर्तन किसी एक देश की समस्या नहीं है. यह पूरे दक्षिण एशिया की जल, खाद्य और पारिस्थितिक सुरक्षा का प्रश्न है. अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक आकलन संकेत देते हैं कि एशिया में तापमान बढ़ने के साथ हिमनदों के पिघलने, बाढ़ और सूखे का जोखिम बढ़ रहा है.हिंदुकुश हिमालय में होने वाला पर्यावरणीय परिवर्तन किसी एक देश

2 days ago

प्रशांत महासागर में बन रहा अल-नीनो इस बार बेहद ताकतवर हो सकता है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इसका असर दुनिया के तापमान, बारिश और मौसम पर पड़ेगा और 2026-27 में गर्मी के नए रिकॉर्ड बन सकते
विज्ञान
अल-नीनो का 'सुपर' अवतार

प्रशांत महासागर में बन रहा अल-नीनो इस बार बेहद ताकतवर हो सकता है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इसका असर दुनिया के तापमान, बारिश और मौसम पर पड़ेगा और 2026-27 में गर्मी के नए रिकॉर्ड बन सकते हैं. साल 2026 में दुनिया को एक और बड़ी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रशांत महासागर में बन रहा अल-नीनो इस बार बहुत मजबूत हो सकता है, इतना

2 days ago

1992 में स्विस आल्प्स में लापता हुए दो पर्वतारोहियों का 34 साल बाद पता चला. ग्लेशियर पिघलने पर दोनों के शव मिले और DNA जांच से पहचान हुई. बर्फ में इतने सालों से दबे इस मामले ने सबको चौंका दिया.
विज्ञान
34 साल पहले गायब हुए थे दो पर्वतारोही

1992 में स्विस आल्प्स में लापता हुए दो पर्वतारोहियों का 34 साल बाद पता चला. ग्लेशियर पिघलने पर दोनों के शव मिले और DNA जांच से पहचान हुई. बर्फ में इतने सालों से दबे इस मामले ने सबको चौंका दिया. स्विट्जरलैंड के आल्प्स में 1992 में लापता हुए दो बेल्जियन पर्वतारोहियों के शव 34 साल बाद मिले हैं. 26 जुलाई को एक हाइकर को ट्रिफ्ट ग्लैशियर पर दो शव दिखाई दिए. इसके बाद

3 days ago

ISRO अब रॉकेट बनाने के काम से धीरे-धीरे पीछे हटेगा. PSLV और LVM3 जैसे बड़े रॉकेटों की जिम्मेदारी भी निजी कंपनियों को मिल सकती है. जानिए क्यों इसरो अपनी भूमिका बदलकर रिसर्च और नई स्पेस
विज्ञान
अब इसरो नहीं बनाएगा रॉकेट

ISRO अब रॉकेट बनाने के काम से धीरे-धीरे पीछे हटेगा. PSLV और LVM3 जैसे बड़े रॉकेटों की जिम्मेदारी भी निजी कंपनियों को मिल सकती है. जानिए क्यों इसरो अपनी भूमिका बदलकर रिसर्च और नई स्पेस टेक्नोलॉजी पर फोकस कर रहा है. भारत के स्पेस सेक्टर में बड़ा बदलाव होने वाला है. इसरो अब खुद रॉकेट बनाने का काम धीरे-धीरे बंद करेगा. आगे रॉकेट बनाने की जिम्मेदारी निजी

3 days ago

दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में क्यों आ रहे हैं इतने बड़े भूकंप
विज्ञान
दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में क्यों आ रहे हैं इतने बड़े भूकंप

एक के बाद एक बड़े भूकंपों ने फिर दुनिया का ध्यान खींचा. आखिर क्यों पैसिफिक रिंग ऑफ फायर में धरती बार-बार कांपती है. क्या इन भूकंपों के बीच सच में कोई कनेक्शन है. पेरू में गुरुवार को 6.7 तीव्रता का भूकंप आया. यूएसजीएस के मुताबिक इसका केंद्र जमीन से करीब 66 KM नीचे था. यह भूकंप ऐसे समय आया है जब हाल के दिनों में इंडोनेशिया और कोलंबिया समेत कई जगहों पर 7 से

3 days ago

दिल्ली में इस साल स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हुई है, जिसमें पिछले 14 दिनों में 433 नए केस दर्ज हुए हैं. दिल्ली सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने निगरानी व्यवस्था
विज्ञान
स्वाइन फ्लू के केस क्यों बढ़ रहे

दिल्ली में इस साल स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में तेज़ी से वृद्धि हुई है, जिसमें पिछले 14 दिनों में 433 नए केस दर्ज हुए हैं. दिल्ली सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. दिल्ली इन दिनों स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लूएंजा A(H1N1) के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. राजधानी

3 days ago

भारत में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे 13.5 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हैं, वजन घटाने के लिए दवाओं और बैरिएट्रिक सर्जरी दोनों विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन सही इलाज क्या है इस बारे
विज्ञान
कितने वजन पर सर्जरी की जरूरत

भारत में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे 13.5 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हैं, वजन घटाने के लिए दवाओं और बैरिएट्रिक सर्जरी दोनों विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन सही इलाज क्या है इस बारे में दिल्ली AIIMS के सर्जरी विभाग में मेटाबॉलिक, बैरिएट्रिक और किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. मंजूनाथ मारूति पोल ने बताया है.भारत में मोटापे की

3 days ago

विशाखापट्टनम में 6 साल के बच्चे की टीचर की डांट और थप्पड़ के बाद कथित तौर पर हार्ट अटैक से मौत हो गई, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक कैसे हो सकता है. विशेषज्ञों ने इस
विज्ञान
टीचर की डांट से बच्चे की मौत

विशाखापट्टनम में 6 साल के बच्चे की टीचर की डांट और थप्पड़ के बाद कथित तौर पर हार्ट अटैक से मौत हो गई, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक कैसे हो सकता है. विशेषज्ञों ने इस बारे में बताया है. विशाखापट्टनम में एलकेजी में पढ़ने वाले एक 6 साल के बच्चे की कथित तौर पर टीचर की डांट और थप्पड़ के बाद मौत हो गई. इस घटना का सीसीटीवी वीडियो भी

3 days ago

ग्लेशियर पिघलने से लद्दाख के किसानों की लगी लॉटरी
विज्ञान
ग्लेशियर पिघलने से लद्दाख के किसानों की लगी लॉटरी

पहाड़ों से पिघलकर अब तक बह जाने वाला पानी लद्दाख के खेतों तक पहुंचेगा. ग्लेशियर से रोज 9 करोड़ लीटर पानी नहर में लाया जा रहा है. इससे पानी की कमी से जूझ रहे 12 गांवों में 1000 एकड़ से ज्यादा जमीन की सिंचाई आसान होगी. लद्दाख में ग्लेशियर से पिघलकर बहने वाला करीब 9 करोड़ लीटर पानी अब खेतों तक पहुंचेगा. लेह के स्टोक गांव के नाले से आने वाले इस पानी को 43

3 days ago

अगले चार हफ्तों में बारिश का पैटर्न बदल सकता है. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश जारी रहने के बाद 5-10 सितंबर से देश के बड़े हिस्से में मॉनसून की गतिविधि कम होने के संकेत मिल रहे हैं.
विज्ञान
सितंबर में बारिश का ब्रेक

अगले चार हफ्तों में बारिश का पैटर्न बदल सकता है. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश जारी रहने के बाद 5-10 सितंबर से देश के बड़े हिस्से में मॉनसून की गतिविधि कम होने के संकेत मिल रहे हैं. मौसम के अगले चार हफ्तों को लेकर एक अहम अनुमान सामने आया है. मौसम मॉडल के मुताबिक, अगले दो हफ्तों तक पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश जारी रह सकती है. लेकिन 5 से 10

3 days ago

ISRO लॉन्च व्हीकल और सामान्य सैटेलाइट के निर्माण का काम धीरे-धीरे निजी क्षेत्र को सौंपेगा. वहीं, ISRO रिसर्च, नई तकनीक और वैज्ञानिक मिशनों पर ज्यादा ध्यान देगा. यह बदलाव भारत की अंतरिक्ष
विज्ञान
ISRO अब नहीं बनाएगा लॉन्च व्हीकल

ISRO लॉन्च व्हीकल और सामान्य सैटेलाइट के निर्माण का काम धीरे-धीरे निजी क्षेत्र को सौंपेगा. वहीं, ISRO रिसर्च, नई तकनीक और वैज्ञानिक मिशनों पर ज्यादा ध्यान देगा. यह बदलाव भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को 2033 तक 44 अरब डॉलर तक पहुंचाने की योजना का हिस्सा है.ISRO लॉन्च व्हीकल और सामान्य सैटेलाइट के निर्माण का काम धीरे-धीरे निजी क्षेत्र को सौंपेगा. वहीं, ISRO

3 days ago

जहां पानी रोजमर्रा की जरूरत है, वहीं अब इसकी सप्लाई टैंकरों के भरोसे है. श्रीलंका में सूखे ने ऐसा संकट खड़ा किया है कि हजारों लोगों के लिए पानी की हर बूंद जरूरी हो गई है. श्रीलंका में
विज्ञान
पानी के लिए 3 दिन इंतजार

जहां पानी रोजमर्रा की जरूरत है, वहीं अब इसकी सप्लाई टैंकरों के भरोसे है. श्रीलंका में सूखे ने ऐसा संकट खड़ा किया है कि हजारों लोगों के लिए पानी की हर बूंद जरूरी हो गई है. श्रीलंका में सूखे के कारण पानी की कमी बढ़ गई है. देश के सात जिलों में करीब 72 हजार लोगों तक सरकार टैंकरों से पानी पहुंचा रही है. इस स्थिति की एक बड़ी वजह इस साल का अल-नीनो बताया जा रहा

3 days ago

नासा के स्विफ्ट टेलीस्कोप का रेस्क्यू मिशन फेल
विज्ञान
नासा के स्विफ्ट टेलीस्कोप का रेस्क्यू मिशन फेल

नासा के 22 साल पुराने स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप को बचाने की कोशिश को बड़ा झटका लगा है. इसे ऊंची ऑर्बिट में ले जाने के लिए स्पेस में गया- LINK स्पेसक्राफ्ट तकनीकी खराबी से बेकाबू हो गया. अब स्विफ्ट के धरती पर गिरने का खतरा बढ़ गया है. नासा के करीब 22 साल पुराने स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप को बचाने की कोशिश नाकाम हो गई है. स्विफ्ट को ऊंची ऑर्बिट में ले जाने के

5 days ago

कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में निधन हो गया, 84 वर्षीय सज्जन कुमार को ऑल्टर्ड सेंसोरियम की समस्या के साथ भर्ती कराया गया था. कांग्रेस के पूर्व
विज्ञान
सज्जन कुमार का निधन किस वजह से हुआ

कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में निधन हो गया, 84 वर्षीय सज्जन कुमार को ऑल्टर्ड सेंसोरियम की समस्या के साथ भर्ती कराया गया था. कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का निधन हो गया है .उन्हें गुरुवार सुबह करीब 11 बजे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनका निधन कैसे हुआ इसके बारे में सफजरजंग अस्पताल

5 days ago

जिस खदान से रोजी-रोटी की उम्मीद थी, वही मौत की वजह बन गई. सेंट्रल अफ्रीकी रिपब्लिक में खदान ढहने से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अब भी मलबे में फंसे हैं. सेंट्रल अफ्रीकी
विज्ञान
सोने की खदान बनी मौत का कुआं

जिस खदान से रोजी-रोटी की उम्मीद थी, वही मौत की वजह बन गई. सेंट्रल अफ्रीकी रिपब्लिक में खदान ढहने से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अब भी मलबे में फंसे हैं. सेंट्रल अफ्रीकी रिपब्लिक के पश्चिमी हिस्से में मंगलवार सुबह एक सोने की खदान अचानक ढह गई. इस हादसे में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. हादसा अब्बा इलाके में एक छोटी सोने की खदान में हुआ.

5 days ago

डैंड्रफ को हल्की समस्या समझकर नजरअंदाज करना गलत है, शैंपू को बालों पर लगाने के बजाय स्कैल्प पर अच्छी तरह लगाना और जरूरी है. लेकिन कुछ लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर से इलाज कराना जरूरी है.
विज्ञान
डैंड्रफ खत्म करने के लिए कैसे शैंपू यूज करें

डैंड्रफ को हल्की समस्या समझकर नजरअंदाज करना गलत है, शैंपू को बालों पर लगाने के बजाय स्कैल्प पर अच्छी तरह लगाना और जरूरी है. लेकिन कुछ लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर से इलाज कराना जरूरी है. डैंड्रफ बालों में होने वाली एक आम समस्या है. इससे बचाव के लिए लोग कई तरह के शैंपू यूज करते हैं. लेकिन क्या केवल शैंपू से डैंड्रफ की समस्या खत्म हो सकती है. इस मामले

5 days ago

बारिश के मौसम में देशभर में जहरीले सांप के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे कई मौतें हो चुकी हैं. अधिकतर मामलों में मौत जहरीले सांप के काटने से होती है, जिसके बाद शरीर में कुछ लक्षण
विज्ञान
सांप के काटने पर जरूर दिखते हैं ये 8 लक्षण

बारिश के मौसम में देशभर में जहरीले सांप के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे कई मौतें हो चुकी हैं. अधिकतर मामलों में मौत जहरीले सांप के काटने से होती है, जिसके बाद शरीर में कुछ लक्षण जरूर दिखते हैं. इनकी समय पर पहचान और इलाज से मरीज की जान बचाई जा सकती है.बारिश के मौसम में देशभर में जहरीले सांप के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे कई मौतें हो चुकी

5 days ago

मॉर्डना और मर्क कंपनी ने एक पर्सनलाइज्ड mRNA कैंसर वैक्सीन थेरेपी विकसित की है, जो स्किन कैंसर के मरीजों के लिए फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में सफल साबित हुई है. यह थेरेपी मरीज के कैंसर
विज्ञान
कैंसर थेरेपी और वैक्सीन में क्या है अंतर

मॉर्डना और मर्क कंपनी ने एक पर्सनलाइज्ड mRNA कैंसर वैक्सीन थेरेपी विकसित की है, जो स्किन कैंसर के मरीजों के लिए फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में सफल साबित हुई है. यह थेरेपी मरीज के कैंसर म्यूटेशन के आधार पर तैयार की गई है. मॉर्डना और मर्क कंपनी ने दो कॉम्बिनेशन मिलाकर एक कैंसर वैक्सीन थेरेपी बनाई है. इसको फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में बड़ी सफलता मिली है. यह

5 days ago

तीन ज्वालामुखी, कुछ घंटे और अलग-अलग इलाके… पहली नजर में यह किसी बड़ी जियोलॉजिकल हलचल का संकेत लग सकता है. समझिए इन विस्फोटों के पीछे की वजह क्या है, कहीं भूकंप तो नहीं. इंडोनेशिया में
विज्ञान
इंडोनेशिया में 3 ज्वालामुखी फटे

तीन ज्वालामुखी, कुछ घंटे और अलग-अलग इलाके… पहली नजर में यह किसी बड़ी जियोलॉजिकल हलचल का संकेत लग सकता है. समझिए इन विस्फोटों के पीछे की वजह क्या है, कहीं भूकंप तो नहीं. इंडोनेशिया में मंगलवार रात कुछ ही घंटों के अंदर तीन एक्टिव ज्वालामुखियों में विस्फोट हुआ. पूर्वी जावा में माउंट सेमेरू, ईस्ट नुसा तेंगारा में माउंट लेवोटोबी लाकी-लाकी और नॉर्थ

5 days ago

सांप के जहर से यूं निकला था हाई बीपी की दवा का फार्मूला
विज्ञान
सांप के जहर से यूं निकला था हाई बीपी की दवा का फार्मूला

ब्राजील के जहरीले सांप Bothrops jararaca के जहर पर हुई रिसर्च की मदद से एक दवा बनाने की राह बनी. वैज्ञानिकों ने सांप के जहर में मौजूद ब्रैडीकिनिन-पोटेंशियेटिंग पेप्टाइड्स के बारे मे रिसर्च की और उससे प्रेरणा लेकर Captopril दवा विकसित हुई. बारिश के इस मौसम में देशभर के कई जिलों से सांप काटने की घटनाएं सामने आ रही हैं. इनमें कुछ लोगों की मौत भी हो गई है. सांप के जहर

5 days ago

मॉडर्ना और मर्क की MRNA थेरेपी ने मेलानोमा स्किन कैंसर के इलाज में नई उम्मीद जगाई है. फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में यह थेरेपी कैंसर के दोबारा लौटने के जोखिम को काफी हद तक कम करने में सफल रही है.
विज्ञान
दोबारा कैंसर फैलने से रोका जा सकेगा

मॉडर्ना और मर्क की MRNA थेरेपी ने मेलानोमा स्किन कैंसर के इलाज में नई उम्मीद जगाई है. फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में यह थेरेपी कैंसर के दोबारा लौटने के जोखिम को काफी हद तक कम करने में सफल रही है. कैंसर की सर्जरी सफल हो जाने के बाद भी मरीज और डॉक्टरों के सामने एक बड़ा डर बना रहता है. कहीं बीमारी दोबारा वापस न आ जाए. खासकर स्किन कैंसर जिसे मेलानोमा कहते हैं

5 days ago

टिहरी NH-707A डिमटा बैंड पर सड़क वॉशआउट से मसूरी-कैंपटी मार्ग बाधित हुआ है. यातायात ठप है. यात्रियों को परेशानी हो रही है. प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग अपनाने और धैर्य रखने की अपील की है.
विज्ञान
मसूरी-कैंपटी रूट पर भारी बारिश का कहर

टिहरी NH-707A डिमटा बैंड पर सड़क वॉशआउट से मसूरी-कैंपटी मार्ग बाधित हुआ है. यातायात ठप है. यात्रियों को परेशानी हो रही है. प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग अपनाने और धैर्य रखने की अपील की है. उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-707A पर भारी बारिश के कारण डिमटा बैंड के पास सड़क वॉशआउट हो गई है. मसूरी-कैंपटी-यमुना ब्रिज मार्ग का बड़ा हिस्सा

5 days ago

बारिश के मौसम में बच्चों में उल्टी और दस्त के मामले बढ़ रहे हैं, जो दूषित पानी और बैक्टीरिया के कारण होते हैं. डॉ. हिमांशु भदानी के अनुसार, रोटावायरस, ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे
विज्ञान
बच्चे को उल्टी-दस्त हो रहे हैं

बारिश के मौसम में बच्चों में उल्टी और दस्त के मामले बढ़ रहे हैं, जो दूषित पानी और बैक्टीरिया के कारण होते हैं. डॉ. हिमांशु भदानी के अनुसार, रोटावायरस, ई. कोलाई और साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया इस समस्या के मुख्य कारण हैं. बारिश के इस मौसम में बच्चों में उल्टी, दस्त के मामले बढ़ने लगते हैं. कई तरह के बैक्टीरिया के एक्टिव होने के कारण ऐसा होता है. उल्टी-

5 days ago

श्रीलंका के एक अस्पताल में स्ट्रोक के इलाज के दौरान एक मरीज के यूरिनरी ब्लैडर में 3.1 किलो की पथरी मिली, जो सबसे बड़ी ब्लैडर पथरी हो सकती है. मरीज को पेशाब करते समय दर्द की समस्या थी, जिसे
विज्ञान
दिमाग का होना था इलाज

श्रीलंका के एक अस्पताल में स्ट्रोक के इलाज के दौरान एक मरीज के यूरिनरी ब्लैडर में 3.1 किलो की पथरी मिली, जो सबसे बड़ी ब्लैडर पथरी हो सकती है. मरीज को पेशाब करते समय दर्द की समस्या थी, जिसे नजरअंदाज किया गया था. श्रीलंका के एक अस्पताल में ऐसा मामला सामने आया है, जिसने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया. 55 साल का एक मरीज स्ट्रोक ( ब्रेन अटैक) आने के बाद इलाज के

5 days ago

फ्लोरेस में 15 अगस्त के 7.7 भूकंप के बाद 20 अगस्त को 5.9 तीव्रता का नया झटका आया. 70 से अधिक मौतें हुई हैं. लगातार आफ्टरशॉक से डर बढ़ रहा है. राहत कार्य जारी है. इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा
विज्ञान
कांपा इंडोनेशिया

फ्लोरेस में 15 अगस्त के 7.7 भूकंप के बाद 20 अगस्त को 5.9 तीव्रता का नया झटका आया. 70 से अधिक मौतें हुई हैं. लगातार आफ्टरशॉक से डर बढ़ रहा है. राहत कार्य जारी है. इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में स्थित फ्लोरेस द्वीप पर भूकंप का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. 15 अगस्त 2026 को सुबह 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था. अब 20 अगस्त गुरुवार को

5 days ago

चीन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ खोजने के लिए अपना बड़ा मिशन भेज रहा है. Chang'e-7 मिशन में रोवर, लैंडर और खास हॉपिंग प्रोब होंगे, जो चांद के उन अंधेरे गड्ढों तक पहुंचेंगे जहां सूरज की
विज्ञान
चांद के अंधेरे राज खोलेगा चीन

चीन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ खोजने के लिए अपना बड़ा मिशन भेज रहा है. Chang'e-7 मिशन में रोवर, लैंडर और खास हॉपिंग प्रोब होंगे, जो चांद के उन अंधेरे गड्ढों तक पहुंचेंगे जहां सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती. चीन 24 अगस्त 2026 को अपना नया चंद्र मिशन Chang'e-7 लॉन्च करने की तैयारी में है. यह मिशन चांद के दक्षिणी ध्रुव पर जाएगा. यहां वैज्ञानिक पानी की बर्फ और

5 days ago

उत्तराखंड में बारिश के बीच पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने से बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे-07 बंद हो गया है. भल्लेगांव के पास सड़क पर मलबा आने से यातायात थम गया. रास्ता साफ करने के लिए टीमें और
विज्ञान
पहाड़ से गिरे पत्थर-मलबे ने रोकी रफ्तार

उत्तराखंड में बारिश के बीच पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने से बद्रीनाथ-केदारनाथ हाईवे-07 बंद हो गया है. भल्लेगांव के पास सड़क पर मलबा आने से यातायात थम गया. रास्ता साफ करने के लिए टीमें और मशीनें मौके पर जुटी हैं. उत्तराखंड में बद्रीनाथ-केदारनाथ नेशनल हाईवे-07 पर बुधवार को रास्ता बंद हो गया. देवप्रयाग और कीर्तिनगर के बीच भगवान के पास भल्लेगांव में

5 days ago